उज्जैन रोड ब्रिज के गड्ढे भरने खुद उतरे पार्षद दीपेश कानूनगो

लगातार अनदेखी से नाराज कानूनगो ने दिखाई गांधीगिरी
देवास। शिकायतें, ज्ञापन और फाइलों के ढेर जब नाकाम हो जाएं, तब अगर कोई जनप्रतिनिधि खुद सड़क पर उतरकर जनता की जान बचाने का काम करे तो उसे गांधीगिरी ही कहा जाएगा। देवास में कांग्रेस पार्षद पं. दीपेश कानूनगो ने एक बार फिर ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। जनहित की अनदेखी से नाराज होकर उन्होंने उज्जैन रोड ब्रिज पर बने जानलेवा गड्ढों को खुद भरकर जिम्मेदारों को आईना दिखा दिया।
कांग्रेस पार्षद पं. दीपेश कानूनगो ने उज्जैन रोड ब्रिज पर हुए गहरे और खतरनाक गड्ढों को भरने का कार्य कर एक बार फिर जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार सांसद, विधायक, महापौर, सभापति और प्रशासनिक अधिकारियों को ब्रिज की बदहाल स्थिति से अवगत कराया गया था, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद किसी ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।
ब्रिज पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और बाहर निकले सरियों के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। इस पुल से दोपहिया वाहनों के साथ-साथ यात्री बसें, स्कूल बसें और कारें रोजाना गुजरती हैं, ऐसे में जनहानि की आशंका लगातार बनी हुई थी।

श्री कानूनगो ने बताया कि पूर्व में भी इसी तरह पुल पर गड्ढे भरे गए थे, लेकिन स्थायी मरम्मत नहीं होने के कारण समस्या फिर जस की तस बनी रही। जब जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्होंने जनहित को प्राथमिकता देते हुए खुद ही पुल की मरम्मत का कार्य करवाया। उन्होंने कहा कि अब कम से कम जिम्मेदार अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए और उज्जैन रोड ब्रिज पर मौजूद अन्य खामियों को भी जल्द से जल्द दूर करना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि देवास में जहां विकास कार्यों की सबसे अधिक आवश्यकता है, वहां अनदेखी की जा रही है, जबकि पुराने विकास कार्यों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
इस मौके पर विशाल यादव, साजी हाशमी, राकेश मिश्रा, विजय चौहान मोनू, मुकेश करोले, मनोज पाल, राहुल शर्मा, लोकेश सांखला, बंटी मकवाना, भरत चौहान, अनिकेत माली, मेघल चौहान, रितिक नवगोत्री, प्रथमसिंह पंवार, चीकू सोनी, राहुल गोयल, अनस हिंद सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।




