आरडीएसएस के कार्यों में समय सीमा एवं गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखे


– अब तक 33/11 केवी के 42 ग्रिडों का कार्य पूर्ण
– प्रबंध निदेशक रजनी सिंह ने ली एजेंसियों एवं अधिकारियों की मीटिंग
इंदौर। रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS)प्रदेश शासन और विद्युत कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है। इसके कार्यों में समय सीमा और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। इस मामले में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर की प्रबंध निदेशक रजनी सिंह ने ये निर्देश दिए। मंगलवार दोपहर पोलोग्राउंड कंपनी मुख्यालय स्थित सभागार में उन्होंने आरडीएसएस के कार्य करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की मीटिंग ली। इसमें बताया गया कि आरडीएसएस में अब तक 42 ग्रिड तैयार हो चुके हैं।
प्रबंध निदेशक सुश्री सिंह ने स्पष्ट किया है कि रबी सीजन कंपनी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, वर्ष में सबसे ज्यादा बिजली मांग इसी दौरान होती है, अतः लाइनों, ट्रांसफार्मर, ग्रिडों, अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों, कैपेसिटर बैंक व अन्य कार्यों की जो समय सीमा तय है, उस अवधि में संबंधित एजेंसी को हर हाल में कार्य पूरा करना पड़ेगा। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि लेतलतीफी व गुणवत्ताहीन कार्य के बारे में कोई नरमी नही बरती जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता एसएल करवाड़िया, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुरेशचंद्र वर्मा, संयुक्त सचिव तरुण उपाध्याय, केतन रायपुरिया, वायके चौधरी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।




