बेहरी में निकला प्रभावी पथ संचलन

– पूरे गांव में पुष्पवर्षा से किया स्वागत, घरों के सामने बनाई रंगोली
– कदमताल कर अनुशासन में निकले स्वयंसेवक
बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस साल भी विशाल पथ संचलन निकाला गया। संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में इस साल बड़े स्तर पर आयोजित इस संचलन में बेहरी मंडल के 11 गांव के स्वयंसेवक शामिल हुए। यह संचलन यादव धर्मशाला परिसर से शुरू हुआ।
संचलन से पूर्व यादव धर्मशाला परिसर में स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ। इस दौरान मुख्य वक्ता बौद्धिक मुकेश गुर्जर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ थे। भोमिया जी मंदिर के पुजारी विद्याधर वैष्णव अतिथि रूप में उपस्थित हुए। ध्वजारोहण के बाद गीत प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मुकेश गुर्जर ने संबोधित करते हुए बताया कि डॉ. हेडगेवार ने 100 वर्ष पूर्व कुछ युवाओं के साथ नागपुर में संघ की स्थापना की थी। आज हम संघ का शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। इन सौ वर्षों की यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर अनेकों बार प्रतिबंध लगे। किन्तु संघ हमेशा से बढ़ता गया। संघ की पूरे विश्व में संगठन की स्वीकार्यता बढ़ी है। शताब्दी संचलन पूरे देश में निकल रहे हैं। शताब्दी वर्ष में संघ का संकल्प है पंच परिवर्तन। हमें सामाजिक समरसता के भाव के साथ समाज में काम करना है। इसके अलावा कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्वदेशी व नागरिकता अनुशासन इन पंच परिवर्तन की समाज में भी स्वीकार्यता है। गर्व के साथ हिन्दू कहना यह परिवर्तन पूरे देश में दिखता है। देश के हर गांव, मोहल्ले व क्षेत्र में हिन्दू होने के भाव में वृद्धि हुई। 100 की संघ की यात्रा का परिणाम समाज व देश में दिख रहा।
गुर्जर ने कहा कि व्यक्ति का निर्माण संघ की शाखा से होता है। संघ की शाखा में नित्य प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों का प्रभाव स्वयंसेवक के मन पर पड़ने से संस्कार प्राप्त होते हैं। संघ की शाखा से संस्कार मिलते हैं।
कदमताल करते हुए निकले स्वयंसेवक-
बौद्धिक पश्चात संघ की वेशभूषा में दंड लिए हुए स्वयंसेवकों का अनुशासित व कदमताल करते हुए संचलन निकला। संचलन मार्ग पर नागरिकों एवं संस्थाओं द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। संचलन नगर के प्रमुख मार्गों की करीब साढ़े 2 किलोमीटर की दूरी तय कर पुनः धर्मशाला परिसर पहुंचा। जहां समापन हुआ।




