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शिक्षा के बाजारीकरण और ‘कमीशनखोरी’ के खिलाफ कांग्रेस का “आधुनिक एकलव्य” आंदोलन

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देवास। शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती व्यावसायिकता, कुछ निजी स्कूलों की मनमानी और ‘बुक माफिया’ द्वारा अभिभावकों की जा रही आर्थिक लूट के विरोध में एक अनोखा प्रदर्शन कांग्रेस के जिला संगठन महासचिव जितेंद्र सिंह गौड़ के नेतृत्व में आधुनिक एकलव्य के रूप में किया गया।

आंदोलन के माध्यम से सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गई। जितेंद्रसिंह गौड़ ने कहा कि “इतिहास गवाह है कि द्रोणाचार्य ने एकलव्य से केवल अंगूठा मांगा था, लेकिन आज के निजी स्कूल और प्रकाशक कमीशन के लालच में मध्यमवर्गीय अभिभावकों की पूरी हथेली (कमाई) काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा अब सेवा नहीं बल्कि एक संगठित लूट का माध्यम बन गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

इस अवसर पर जिला ग्रामीण अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि कुछ प्राइवेट स्कूल संचालक और स्टेशनरी संचालक की मिलीभगत से गरीब आमजन को 50 रुपये की बुक 500 रुपये में खरीदना पड़ रही है। शिक्षा में कमीशनखोरी देश को खोखला कर रही है।
इस अवसर पर जिला शहर अध्यक्ष प्रयास गौतम ने कहा कि अगर प्राइवेट स्कूल संचालक चाहे तो गरीब के बच्चे भी सस्ते और अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़ सकते हैं। अगर सभी स्कूल संचालक एनसीईआरटी की पुस्तकों की अनिवार्यता कर दे।

इस विरोध प्रदर्शन में देवास के अभिभावकों ने अपने अंगूठे के ‘रक्त’ (प्रतीकात्मक लाल रंग) से एक श्वेत बोर्ड पर हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन इस बात का प्रतीक होगा कि अभिभावक अब और शोषण सहने को तैयार नहीं हैं। अभिभावक भारी संख्या में चामुंडा कॉम्प्लेक्स पहुँचे और इस वैचारिक युद्ध का हिस्सा बनें।

इस अवसर पर रितेश त्रिपाठी, हरीश गजधर, महेंद्र बाबा, नरेंद्र यादव, जाहिद पठान, राजा पडियार, गौरव सोनी, भगवान सिंह चावड़ा, गौरव जोशी, नरेंद्र पंवार, हर्ष प्रताप सिंह गौड़, किशोर चौहान, श्रीकांत चौहान, बंटू जायसवाल, हर्ष राठौर, शुभम जलोदिया, मोहित राठौर, मनीष परमार, यशवंत कुशवाहा, विशाल ठाकुर, परमानंद नेताजी, राजा धाकड़, आशीष धाकड़, राहुल ठाकुर, अरुण हाटपीपल्या, पृथ्वीराजसिंह चौहान, अभिषेक चौहान, अमन पाटीदार, रोहित दांगी, मंजीत ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

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