खेत-खलियान

क्षेत्र में सरसों की कटाई शुरू, आधुनिक मशीनों से तेज हुआ काम

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भौंरासा/नेवरी फाटा (मनोज शुक्ला)। क्षेत्र के आसपास के गांवों और पहाड़ी इलाकों में सरसों की फसल कटाई का काम जोर पकड़ चुका है। अनुकूल मौसम और फसल की समय पर पकाव के चलते इस वर्ष किसानों ने गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 दिन पहले ही कटाई शुरू कर दी है।

खेतों में इन दिनों हार्वेस्टर और आधुनिक मशीनों की आवाज आ रही है, जिससे खेती के तौर-तरीकों में आए बदलाव साफ नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि आधुनिक मशीनों के उपयोग से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि खर्च भी कम आ रहा है। जहां पहले कटाई में चार से पांच दिन लग जाते थे, वहीं अब यह काम महज कुछ घंटों में पूरा हो रहा है। इससे मौसम की अनिश्चितता से होने वाले नुकसान की आशंका भी कम हो जाती है।

पारंपरिक फसलों से बदला रुझान-
पिछले सीजन में सोयाबीन पर वायरस का प्रकोप और लहसुन-प्याज के उचित दाम नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक झटका लगा था। यही कारण है कि इस बार कई किसानों ने सरसो, गेहूं और चने जैसी फसलों पर ज्यादा भरोसा जताया है। किसानों को उम्मीद है कि इन फसलों से बेहतर उत्पादन के साथ उचित बाजार भाव मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी।

अच्छे उत्पादन की उम्मीद-
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सरसो का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है। समय पर कटाई और मशीनों का उपयोग फसल की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मददगार साबित हो रहा है।

फिलहाल खेतों में चल रही कटाई ने ग्रामीण अंचल में रौनक बढ़ा दी है। किसान अच्छी पैदावार और कीमत की आस लगाए हुए हैं, ताकि बीते नुकसान की भरपाई हो सके और खेती फिर से फायदे का सौदा बन पाए।

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