नाबालिगों के हाथ में रफ्तार की चाबी, तेज गति से दौड़ाते हैं वाहन!

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। क्षेत्र में यातायात नियम अब कागजों तक सिमटकर रह गए हैं। सड़कों पर नाबालिगों द्वारा दौड़ाई जा रही मोटरसाइकिलें और इलेक्ट्रिक स्कूटर, क्षमता से अधिक सवारियों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली व लोडिंग वाहन क्षेत्र को लगातार हादसों की ओर धकेल रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि कई बच्चे ऐसे भी है, जिनके पैर दोपहिया वाहन में ठीक से जमीन पर नहीं टिकते, फिर भी वे तेज रफ्तार में सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं।
बेहरी एवं आसपास के 20 से अधिक छोटे-बड़े गांवों में दोपहिया, ट्रैक्टर और लोडिंग वाहनों की संख्या 500 से अधिक बताई जा रही है। अनुमान है कि क्षेत्र में हर चार व्यक्तियों पर एक वाहन है। ग्रामीणों का कहना है कि लाइसेंस व दस्तावेज की जांच होनी चाहिए।
क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुराने और एक्सपायरी हो चुके वाहन चल रहे हैं। इन पर न तो वैध पंजीयन है और न ही बीमा। हैरानी की बात यह है कि वाहनों को बेधड़क नाबालिग बच्चे भी चला रहे हैं। हाल के दिनों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जिन्हें बड़ी संख्या में कम उम्र के बच्चे भी चला रहे हैं। कई मामलों में देखा गया है कि बच्चों के पैर तक स्कूटर से नीचे नहीं टिकते, इसके बावजूद वे यातायात के बीच तेज गति से वाहन दौड़ा रहे हैं।
25 से अधिक बड़ी दुर्घटनाएं-
बीते एक वर्ष में अकेले बेहरी क्षेत्र में 25 से अधिक गंभीर सड़क दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। ट्रैक्टर से टकराने के कारण तीन लोगों की मौत हुई, जबकि मोटरसाइकिल की आमने-सामने की भिड़ंत में आठ लोगों ने जान गंवाई। इसके अलावा दर्जनों लोग घायल हुए, जिनमें कई को गंभीर चोटें आईं।
कई चालकों के पास नहीं लाइसेंस-
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में कई वाहन चालक ऐसे हैं जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। इनमें 16 से 20 वर्ष की आयु के किशोरों की संख्या सबसे अधिक है। दुर्घटना होने की स्थिति में समझौते और आर्थिक लेन-देन के माध्यम से मामला दबा दिया जाता है।
पूरे क्षेत्र में कुछ पुराने ट्रैक्टर ऐसे हैं, जिनके पास न तो पंजीयन है और न ही बीमा। ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में मजदूरों और उनके परिवारों को ठूंस-ठूंस कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन पलटने से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
सघन जांच की उठी मांग-
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस और आरटीओ संयुक्त रूप से क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाएं, तो बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस, बिना कागजात के वाहन पकड़ में आ सकते हैं। इससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकता है।
इस संबंध में बागली थाना प्रभारी अभिनव शुक्ला का कहना है ट्रैक्टर-ट्रॉली में कृषि कार्य के अलावा सवारी बिठाना तथा लोडिंग वाहनों में सवारी ले जाना नियम विरुद्ध है। ऐसे मामलों में संबंधित वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




