बारिश और पीला मोजेक वायरस की चपेट से सोयाबीन की फसल हुई बर्बाद

भौंरासा क्षेत्र के किसानों ने दिया नायब तहसीलदार को ज्ञापन, सर्वे की उठी मांग
भौंरासा (मनोज शुक्ला)। लगातार हो रही बारिश और पीला मोजेक वायरस की चपेट में आने से सोयाबीन की मुख्य फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। इससे किसानों की मेहनत और उम्मीदें पानी में बह गई हैं। मंगलवार को कई गांवों के किसानों ने जमीनी स्तर पर सर्वे करवाकर सर्वे राशि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
भौंरासा, कुलाला, शादीखेड़ा, धारुखेड़ी, बुदासा, सुमराखेड़ी, भलाई, मिर्जापुर, खुर्द पिपलिया, जंगीपुर, बोलासा, नेवरी फाटा, डकाच्या, पोलायजागीर, काकड़दा, सिक्खेड़ी के किसानों ने नायब तहसीलदार नेहा शाह को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया, कि सोयाबीन की फसल पीला मोजक संक्रमण से बिल्कुल नष्ट हो गई है। इससे हम किसानों को फसल की लागत भी नहीं निकलेगी। किसानों ने तुरंत सर्वे करवाकर फसल की क्राफ्ट कटिंग हल्का पटवारी एवं ग्राम सेवक से करवाकर राहत राशि दिलवाने की मांग की। किसानों ने सेटेलाइट से सर्वे न करवाकर जमीनी स्तर पर पटवारी एवं ग्रामसेवक से क्राफ्ट कटिंग की मांग की।

किसानों ने इस वर्ष अच्छी पैदावार की आस में बड़े उत्साह से सोयाबीन की बोवनी की थी। शुरूआत में फसल हरी-भरी नजर आई, लेकिन बीच में बारिश की अधिकता और खेतों में जलभराव से पौधों की जड़ें सड़ने लगीं। वहीं, दूसरी ओर पीला मोजेक वायरस ने फसल को समय से पहले पीला कर सूखा दिया। खेतों में फसलें सूखकर खड़ी हैं, जिससे उत्पादन पर भारी असर पड़ना तय है। किसानों का कहना है, कि जिन वैरायटी में बीमारी का असर कम था, उनमें भी लगातार कोहरा (धुधं) पड़ने से और धूप न निकलने से उत्पादन क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। किसानों ने बताया, कि इस वर्ष का सीजन पूरी तरह से नुकसान में चला गया है। महंगी खाद, बीज और दवाई पर खर्च करने के बाद भी फसल बर्बाद हो गई। अब उनके सामने अगली फसल बोने और घर चलाने की चिंता खड़ी हो गई है।
सर्वे और मुआवजे की मांग-
किसानों ने सरकार व अधिकारियों से तत्काल खेतों का सर्वे कराकर नुकसान का सही आकलन करने की मांग की है। उनका कहना है कि बीमा कंपनी और राजस्व विभाग के पटवारियों को निर्देश देकर जल्दी से जल्दी सर्वे कराया जाए, ताकि किसानों को फसल बीमा क्लेम समय पर मिल सके। किसानों का कहना है कि 3 वर्ष से लगातार सोयाबीन फसल खराब हो रही है जबकि किसानों को केसीसी व खाद, बीज सहकारी संस्था के माध्यम से लगातार 6 माह की अवधि में मोटी रकम बीमा की काटी जाती है। इस फसल में अगर समय पर राहत नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाएगी।
इस अवसर पर किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कैलाश यादव, करणसिंह यादव, कैलाश पटेल, नगर परिषद उपाध्यक्ष जयसिंह राणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष आरामसिंह ठाकुर, यशवंतसिंह राजपूत, किसान नेता मुकेश कुमावत, कमल यादव, राजेंद्र पालीवाल, महेश ठाकुर, इंदर सिंह, रमेशचंद्र, प्रेम सिंह, केदार चौधरी, निर्मल चौधरी, विष्णु चौधरी, कांतिलाल यादव, मनोहर यादव जीजा, अजब सिंह शादीखेड़ा, निर्मल पटेल, छतरसिंह कुशवाहा, मिथुन कुशवाह, दिनेश यादव, बाबू यादव, घनश्याम कुशवाह, कमल सिंह पटेल, रायसिंह मालवीय, हिंदू सिंह, सीताराम, अर्जुन सिंह, ज्ञान सिंह, गोपाल सिंह, अनूप सिंह, सौबाल सिंह, साजिद चिश्ती सहित आदि मौजूद रहे।




