महापौर ने ली पेयजल आपूर्ति की समीक्षा बैठक, जनरेटर से बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए निर्देश

– शुद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल शुद्धिकरण यंत्रालय के प्रतिदिन निरीक्षण के आदेश
देवास। शहरवासियों को समय पर और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल द्वारा मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में क्षिप्रा जल संयंत्र एवं अलीपुर इंटेकवेल पर विद्युत आपूर्ति की अनियमितता के कारण प्रभावित हो रही जल वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित जल प्रदाय शाखा के तकनीकी अधिकारियों ने जानकारी दी कि लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से शहर की जल टंकियों का समय पर भराव नहीं हो पा रहा है, जिससे निर्धारित समय एवं दिवसों पर पानी का वितरण बाधित हो रहा है।
इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने निर्देश दिए कि जल संयंत्रों पर विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 400-400 केवी क्षमता के दो जनरेटर इंदौर से मंगवाकर 18 जून की सुबह से आवश्यक रूप से स्थापित किए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में शहरवासियों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
महापौर अग्रवाल ने बैठक के पश्चात मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर क्षिप्रा जल संयंत्र सहित अन्य जल स्रोतों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए कहा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्तमान में राजानल तालाब में जलस्तर अत्यधिक नीचे जाने से वहां से पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई है। साथ ही हाल ही में कुछ क्षेत्रों से गंदे पानी की शिकायतें प्राप्त होने पर महापौर ने जल वितरण प्रणाली की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण यंत्रालय का प्रतिदिन सघन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और प्रतिदिन वितरित होने वाले जल में मानकों के अनुसार एलम व ब्लीचिंग पाउडर की निर्धारित मात्रा का उपयोग किया जाए, जिससे शहरवासियों को शुद्ध और स्वच्छ जल की ही आपूर्ति हो सके।
महापौर ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं, विशेषकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, और इसके लिए सभी आवश्यक कदम तत्परता से उठाए जाएंगे।




