बेसमेंट में पार्किंग के बजाय व्यावसायिक उपयोग पर होगी कार्रवाई

कम्पाउंडिंग से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक आयुक्त की सख्ती, समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
देवास। नगर निगम से जुड़े समयावधि पत्रों और कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों के समय पर निराकरण को लेकर आयुक्त दलीप कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। टीएल पत्रों की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और जहां लापरवाही नजर आई, वहां अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आयुक्त दलीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में निगम के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक के दौरान निगम लोक निर्माण विभाग अंतर्गत किए जा रहे कम्पाउंडिंग कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित उपयंत्रियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एबी रोड पर पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश-
आयुक्त ने एबी रोड स्थित व्यावसायिक मॉल और प्रतिष्ठानों में पार्किंग की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि जिन भवनों में बेसमेंट पार्किंग नहीं है या जहां बेसमेंट में दुकानों का निर्माण कर लिया गया है, उन्हें सूचना पत्र जारी किए जाएं, ताकि सड़क पर बढ़ते यातायात दबाव को कम किया जा सके।
आवारा मवेशी व स्वान पकड़ने की कार्रवाई जारी रहे-
शहर में आवारा मवेशियों और स्वानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने इनको पकड़ने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पर फोकस-
बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों से योजना की विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि अधिक से अधिक हितग्राहियों से आवेदन कराकर लोन वितरण के लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाए।
नल व सिवरेज कनेक्शन में लाएं गति-
अवैध से वैध नल कनेक्शन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने उपयंत्रियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सिवरेज कनेक्शन अधिक से अधिक कराने, जिन रहवासियों ने कनेक्शन ले लिया है लेकिन पंजीयन नहीं कराया है, उनका चयन कर रसीद बनवाने के निर्देश दिए गए। कचरा संग्रहण शुल्क की वसूली में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए आयुक्त ने ईवी चार्जिंग प्वाइंट के लिए स्थान चयन पर भी चर्चा की।
मैरिज गार्डनों के गंदे पानी की निकासी की जांच-
आयुक्त ने मैरिज गार्डनों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को लेकर मौके पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण व स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो। आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समयावधि पत्रों एवं सीएम हेल्पलाइन से जुड़े प्रकरणों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।




