प्रोजेक्ट जागृति’ से बच्चों में जागरूकता की अलख

– स्वास्थ्य, सुरक्षा और मानसिक सशक्तिकरण पर दिए महत्वपूर्ण संदेश
देवास। हमारे बढ़ते कदम बाल एवं महिला वेलफेयर सोसाइटी (एनजीओ) द्वारा मदर लैप्स इंटरनेशनल स्कूल में ‘प्रोजेक्ट जागृति’ के तहत तीन महत्वपूर्ण जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक संतुलन और सामाजिक जागरूकता से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार तीन सत्रों में विभाजित कर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं के लिए आयोजित स्वास्थ्य एवं मनोविज्ञान सत्र में डॉ. वंदना चौधरी ने व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य देखभाल और किशोरावस्था के दौरान होने वाले मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों पर जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ बदलावों को स्वीकार करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वहीं कक्षा 5वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए पुलिस विभाग की टीम ने साइबर क्राइम और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जागरूक किया। इस दौरान मोनू राणावत, गीता कानूनगो और आरती जाधव ने बच्चों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी प्रोफाइल और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जानकारी देते हुए सतर्क रहने के उपाय बताए।
नर्सरी से 5वीं कक्षा तक के छोटे बच्चों के लिए ‘गुड टच और बैड टच’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। एनजीओ की संस्थापक मोना मालवीय, सचिव पूजा चित्रे और शेखर चौहान ने सरल और रोचक तरीकों से बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
मदर लैप्स इंटरनेशनल स्कूल की संस्थापिका शशिकाला ठाकुर ने एनजीओ टीम और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनकी सुरक्षा के लिए इस प्रकार के जागरूकता अभियान आज की आवश्यकता हैं।
निरंतर चल रहे हैं जागरूकता के प्रयास-
हमारे बढ़ते कदम बाल एवं महिला वेलफेयर सोसाइटी द्वारा ‘प्रोजेक्ट जागृति’ के अंतर्गत हर सप्ताह बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बालिकाओं के आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण भी संचालित किए जा रहे हैं। संस्था द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी, हैंडमेड वस्तुएं तैयार करना और मेहंदी जैसी स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसके माध्यम से कई महिलाएं अपना रोजगार स्थापित कर चुकी हैं।




