इंदौर

बिजली आपूर्ति क्षमता वृद्धि के कार्य समय पर पूर्ण हो

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इंदौर, उज्जैन, देवास, पीथमपुर, रतलाम जैसे क्षेत्रों पर फोकस रखें

बिजली कंपनी के एमडी श्री सिंह ने ली 100 अभियंताओं की मीटिंग

इंदौर। बिजली कंपनी के 15 जिलों के अधिकारी समय पर निर्माण, परियोजना, आपूर्ति क्षमता वृद्धि के कार्य करें, त्रुटिरहित बिल जारी हो, समय पर राजस्व संग्रहित किया जाए, उपभोक्ताओं की ओर से यदि 1912, सीएम हेल्प लाइन, ऊर्जस या अन्य किसी फोरम पर शिकायत आती है तो समय पर निराकरण करे, ताकि संतुष्टि का स्तर बना रहे। सभी जिलों, सर्कलों के अधीक्षण यंत्री अपने क्षेत्र के कार्मिकों से व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।

उपरोक्त निर्देश मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक (एमडी) अनूप कुमार सिंह ने दिए। श्री सिंह गुरुवार को कंपनी क्षेत्र के 100 अभियंताओं की मिटिंग ले रहे थे। श्री सिंह ने स्मार्ट मीटर, बिजली आपूर्ति, विजिलैंस, मीटरीकरण, वाणिज्य, वित्त संकाय, आरडीएसएस, एसएसटीडी, समाधान योजना, सूचना प्रौद्योगिकी, भंडार, मानव संसाधन इत्यादि विषयों की समीक्षा कर प्रत्येक जिले के अभियंताओं से स्थिति में गुणात्मक सुधार के बारे में उत्तर जाना।

उन्होंने भंडार से जाने वाली सामग्री एवं पुरानी निकली हुई सामग्री के रिकार्ड को ऊर्जस पर समय पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए, ताकि मटेरियल मैनेजमेंट में दिक्कत या लंबितता की स्थिति नहीं आए। एमडी श्री सिंह ने कहा कि रबी की सीजन अब लगभग समाप्ति की ओर हैं, दो तीन माह बाद गर्मी का सीजन प्रारंभ होगा जाएगा, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम जैसे बड़े शहरों की गर्मी की बिजली व्यवस्था एवं क्षमता वृद्धि मैंटेनेंस जैसे कार्य अगले दो माह में पूरे करा लिए जाए।

उन्होंने पीथमपुर औद्योगिकी क्षेत्र की बिजली वितरण क्षमता वृद्धि के हर कार्य अप्रैल से पूर्ण कराने को कहा।
श्री सिंह ने उज्जैन के मुख्य अभियंता बीएल चौहान, अधीक्षण अभियंता विनोद मालवीय को सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा, समय पालन एवं प्रशासन से बेहतर तालमेल के निर्देश दिए, ताकि बिजली संबंधी कार्य आसानी से हो जाए।

इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कामेश श्रीवास्तव, एसएल करवाड़िया, एसआर बमनके, गिरीश व्यास, एसआर सेमिल, अचल जैन, सुषमा गंगराड़े, शहर अधीक्षण अभियंता डीके गाठे, इंदौर ग्रामीण अधीक्षण अभियंता डॉ. डीएन शर्मा आदि ने भी विचार रखे।

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