जिले में स्थापित सभी उद्योग जून 2026 तक सीएनजी में शिफ्ट हों- कलेक्टर श्री सिंह

सीएसआर फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास जैसे अन्य क्षेत्रों में भी करें
कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में देवास जिले के उद्योगपतियों की बैठक आयोजित
देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में देवास जिले के उद्योगपतियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्योगों द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत योगदान बढ़ाना, उद्योगों को फॉसिल फ्यूल से सीएनजी में शिफ्ट होने की प्रक्रिया को तेज करना था।
बैठक नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, एसडीएम देवास अभिषेक शर्मा, उद्योग संघ के पदाधिकारी, उद्योगपति सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने उद्योगों के सीएसआर योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सीएसआर समाज के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास आदि विविध क्षेत्रों में योगदान देकर जिले को और अधिक समृद्ध बनाया जा सकता है।
कलेक्टर श्री सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं एक प्रमुख प्रदूषण का कारण है। उन्होंने सभी उद्योगों को निर्देशित किया कि जो कंपनियां अभी तक कोयले से सीएनजी में शिफ्ट नहीं हुई हैं, वे जून 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से सीएनजी में परिवर्तन कर लें। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने सभी उद्योगपतियों से अपील की कि वे जिले के विकास में सक्रिय भागीदार बनें और सामाजिक, पर्यावरणीय तथा आर्थिक विकास के लिए अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। बैठक में उद्योगपतियों ने सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि उद्योगों के सहयोग से जिले में कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों के माध्यम से छात्रों को उद्योगों की आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित किया जाए, जिससे उन्हें शीघ्र ही रोजगार प्राप्त हो सके और उद्योगों को भी कार्य के लिए आवश्यता अनुसार प्रशिक्षित छात्र मिल सकें।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने बताया देवास में माताजी टेकरी पर देवीलोक बनाया जाना प्रस्तावित है। देवीलोक का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। इससे न केवल देवास में पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विकास होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और इससे देवास जिले को एक और नई पहचान मिलेगी। उन्होंने सभी उद्योगपतियों से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सक्रिय सहभागिता करने का आग्रह किया तथा कहा कि सबके सामूहिक प्रयासों एवं सहयोग से ही यह परियोजना सफल हो सकेगी।




