प्रशासनिक

महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा

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समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आईएमआर-एमएमआर घटाने और कुपोषण उन्मूलन पर दिए निर्देश

लापरवाह सुपरवाइजरों को कार्रवाई की चेतावनी

देवास। जिले में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में हुई बैठक में योजनाओं की प्रगति, आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, कुपोषण उन्मूलन और बालिकाओं के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर गंभीर मंथन करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देने चाहिए, अन्यथा लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत ज्योति शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी साबिर अहमद सिद्धिकी, पर्यवेक्षकगण सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण आहार वितरण, कुपोषण उन्मूलन तथा बालिकाओं के कल्याण से संबंधी गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर श्री सिंह ने शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) एवं मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की एएमसी जांच नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएं एवं प्रसवोत्तर फॉलोअप (पोस्ट प्रेग्नेसी फॉलोअप) को मजबूत किया जाएं। इस कार्य एक अभियान के तौर पर करें। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से माताओं एवं शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा बढ़ेगी। जिले में स्वास्थ्य संकेतक बेहतर होंगे।

समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर की कार्यशैली ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी सुपरवाइजर अपनी कार्य शैली में सुधार लाएं, अन्यथा कार्यवाही की जाएगी। विभाग के सुपरवाइजर कर्त्तव्य निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाएं, आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियमित निरीक्षण करें तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि हितग्राहियों को उनका लाभ मिलें।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का समय पर खुलने एवं बंद होने, पोषण स्तर सुधारने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल विवाह की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएं तथा जागरूकता अभियान को ओर प्रभावी बनाया जाएं। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के प्रकरणों की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि जो भी प्रकरण हैं, उनका त्वरित निराकरण करें।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह‍ ने सैम और मैम से प्रभावित बच्चों की जानकारी की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले कुपोषित के बच्चों को उचित पोषण आहार देकर उन्हें कुपोषण से बाहर निकालकर तथा उनका लगातार फॉलोअप भी लिया जाएं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य स्तरीय महिला एवं बाल विभाग की समीक्षा में देवास जिले में संचालित किलकारी अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को ओर गति देना है तथा कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करना है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएं।

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