देवास जिले के सिरसोदा में 20 गीगावॉट ऊर्जा भण्डारण क्षमता तक बैटरी उत्पादन का चल रहा है निर्माण कार्य


– ग्रेफाइट एनोड आयात पर भारत की निर्भरता में आएगी कमी
– टीएसीसी लिमिटेड ने जीआईएस, भोपाल, मध्य प्रदेश में अत्याधुनिक ई-मोबिलिटी, एनोड और ग्राफीन नवाचारों का प्रदर्शन किया
देवास। देवास जिले के सिरसोदा औद्योगिक क्षेत्र में 20 गीगावॉट ऊर्जा भण्डारण क्षमता तक बैटरी उत्पादन का निर्माण कार्य चालू है, जिससे ग्रेफाइट एनोड आयात पर भारत की निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी। 2000 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना लगभग 1000 नौकरियां पैदा करेगी और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।”
महाप्रबंधक उद्योग देवास मंगल रेकवार ने बताया कि टीएसीसी लिमिटेड के एमडी और सीईओ अंकुर खेतान ने सतत विकास और नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों में कंपनी की अग्रणी भूमिका पर जोर दिया और कहा, “टीएसीसी में, हम लिथियम-आयन बैटरी के लिए विश्व स्तरीय सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड का निर्माण करके भारत की ऊर्जा क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं।
एलएनजे भीलवाड़ा समूह की नवाचार-संचालित कंपनी टीएसीसी लिमिटेड, ई-मोबिलिटी, एनोड सामग्री और ग्राफीन-आधारित उत्पादों में अपनी नवीनतम प्रगति का प्रदर्शन करके भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) – 2025 में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रही है। जीआईएस में कंपनी का प्रदर्शन हरित प्रौद्योगिकियों और उन्नत सामग्रियों के भविष्य के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मध्य प्रदेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्र बन जाएगा और एलएनजे भीलवाड़ा समूह प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के विजन को एक बड़ी वास्तविकता बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”
ऊर्जा भंडारण के भविष्य में क्रांतिकारी बदलाव-
इस अग्रणी परियोजना का उद्देश्य लिथियम-आयन बैटरी के लिए महत्वपूर्ण एनोड सामग्री के उत्पादन में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। यह ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में नवाचार, स्थिरता और उन्नति के लिए टीएसीसी लिमिटेड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हरित ऊर्जा को स्थिरता की ओर ले जाने के लिए कंपनी के प्रयास भारत के 2070 के शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लक्ष्य के अनुरूप हैं। ये पहल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की ओर बढ़ने पर केंद्रित हैं।
जीआईएस में प्रदर्शित टीएसीसी लिमिटेड की उत्पाद श्रृंखला में शामिल हैं-
– लिथियम-आयन बैटरी के लिए ग्रेफाइट एनोड जो कि इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आवश्यक है।
– सोडियम-आयन बैटरियों के लिए हार्ड कार्बन जो कि अगली पीढ़ी के ऊर्जा भंडारण के लिए बायोमास से प्राप्त एक टिकाऊ विकल्प है।
– ग्राफीन-आधारित अनुप्रयोग जो कि कोटिंग्स, कंपोजिट्स, टेक्सटाइल्स, निर्माण और हाइड्रोजन ऊर्जा के लिए उन्नत समाधान है।
– सिलिकॉन-ग्रेफाइट हाइब्रिड एनोड जो कि उच्च प्रदर्शन अनुप्रयोगों के लिए बैटरी क्षमता और चक्र जीवन को बढ़ाना है।
भारत के हरित ऊर्जा भविष्य को आगे बढ़ाना-
एचईजी लिमिटेड, मंडीदीप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टीएसीसी लिमिटेड भारत के पहले 4,000+ मीट्रिक टन वाणिज्यिक पैमाने के ग्राफीन संयंत्र और एक विशिष्ट अनुसंधान एवं विकास केंद्र के साथ नवाचार के मामले में सबसे आगे है। कंपनी की अत्याधुनिक सुविधा द्वारा उन्नत कार्बन सामग्री उत्पादन इसको विश्व पटल पर भारत की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी।
टीएसीसी लिमिटेड, जीआईएस, भोपाल में अपने स्टॉल पर आगंतुकों का स्वागत करते हुए, स्वच्छ व उज्ज्वल भविष्य के लिए अपने क्रांतिकारी समाधानों की जानकारी दे रही है।




