क्राइम

शीलनाथ महाराज प्राचीन धुनी मंदिर से चांदी की पादुका चोरी करने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई आरोपी की पहचान, चोरी कर भागना हुआ कैद

देवास। शीलनाथ महाराज के प्राचीन धुनी मंदिर में हुई चोरी का देवास पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में खुलासा कर दिया। ऑपरेशन ‘त्रिनेत्रम’ के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों ने एक बार फिर अपनी अहमियत साबित करते हुए आरोपी की हरकतों को कैद किया, जिसके आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे हुआ चोरी का पर्दाफाश-
28 नवंबर को फरियादी जितेंद्र शर्मा निवासी आनंद बाग (सिविल लाइन) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मंदिर से एक जोड़ी चांदी की चरण पादुका अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक हितेश पाटिल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने मंदिर और आसपास लगे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी का मंदिर से चोरी कर भागना साफ दिखाई दिया।

फुटेज व मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरुण सोलंकी पिता बंशीलाल सोलंकी (उम्र 30 वर्ष), निवासी रेवाबाग, थाना नाहर दरवाजा, देवास को धरदबोचा। पूछताछ में उसने चोरी की गई चांदी की पादुकाओं में से एक को पारस ज्वेलर्स, नावेल्टी चौराहा पर देवेश जैन पिता चंद्रशेखर जैन (उम्र 31 वर्ष), निवासी रामनगर, थाना सिविल लाइन को बेचे जाने की बात कबूल की।

तुरंत दबिश देकर पुलिस ने पारस ज्वेलर्स से एक पादुका बरामद कर आरोपी देवेश जैन को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरी पादुका आरोपी के घर से और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।

जब्त माल- चांदी की एक जोड़ी चरण पादुका कीमत लगभग 20 हजार रुपए।मोटरसाइकिल कीमत लगभग 50 हजार रुपए।

सराहनीय भूमिका- इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हितेश पाटिल, प्रआर पवन पटेल, सुरेश कुमावत, आर अरुण चावड़ा की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

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