7 जून को देवास के बांगरदा में गूंजेगी किसानों की आवाज, प्रदेशभर से जुटेंगे हजारों अन्नदाता

– मेधा पाटकर, डॉ. सुनील और आलोक जैन जैसे दिग्गज होंगे शामिल, जल-जमीन से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर होगा मंथन
देवास। प्रदेश के किसान एक बार फिर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने जा रहे हैं। 7 जून को देवास जिले के ग्राम बांगड़दा में किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर के किसान और किसान नेता शामिल होंगे। यह पंचायत दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी, जिसमें हजारों की संख्या में किसान शिरकत करेंगे।
इस महापंचायत की अगुवाई किसान नेता हंसराज मंडलोई कर रहे हैं। इस आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, किसान विचारक डॉ. सुनील एवं आलोक जैन जैसे देशभर में चर्चित नाम शामिल होंगे। यह महापंचायत सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि आंदोलन की नई रूपरेखा का ऐलान भी होगी। इसमें 32 गांवों के किसानों के साथ प्रस्तावित चापड़ा एयरपोर्ट के 12 गांवों के प्रभावित किसान, उज्जैन सिंहस्थ मेला छेत्र के प्रभावित किसान शामिल होंगे।
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया, कि इस महापंचायत में मुख्य रूप से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रणनीति बनाई जाएगी। इसमें भूमि अधिग्रहण कानून की खामियां और किसानों को न्याय दिलाने की मांग, नर्मदा जल वितरण से देवास और इंदौर जिले के किसानों को वंचित करना आदि।
इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन, आउटर रिंग रोड, लॉजिस्टिक पार्क, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से प्रभावित किसानों की समस्या, चापड़ा हवाई अड्डे और सिंहस्थ कुंभ क्षेत्र के विस्थापित किसानों के अधिकार पर चर्चा होगी।
किसान नेता मंडलोई ने कहा कि नर्मदा नदी का पानी, जो सांवेर और हाटपिपलिया से होकर गुजरता है, वह गुजरात और उज्जैन पहुंच रहा है, लेकिन देवास और इंदौर के असली हकदार किसान आज भी प्यासे हैं। उन्होंने सवाल उठाया जब हमारी ज़मीन ली जा रही है, तो हमारा पानी क्यों नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा, कि महापंचायत में यह मुद्दा भी उठेगा कि सरकार किसानों को भूमि अधिग्रहण के बदले मात्र दो गुना मुआवज़ा देकर टाल देती है। पिछले 15 वर्षों से भूमि की गाइडलाइन नहीं बढ़ाई गई, जिससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
श्री मंडलोई ने देवास, इंदौर, उज्जैन और आस-पास के जिलों के सभी किसान भाइयों से महापंचायत में शामिल होने की अपील की है।




