
सोनकच्छ सिविल अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी इंचार्ज का 10-10 दिन का वेतन काटने के निर्देश
मातृ एवं शिशु मृत्यु में सुधार के लिए एआई जनरेटेड सिस्टम से कॉल किए जाएं – कलेक्टर श्री सिंह
ओपीडी में आने वाली प्रत्येक महिला की कैंसर की जांच के निर्देश
देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में मातृ एवं शिशु मृत्यु की समीक्षा बैठक कलेक्टर सभागृह में आयोजित हुई।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने गैर-संचारी रोग कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिकारी हर तीन घंटे में कार्यक्रम की स्थिति की निगरानी करें और किसी भी प्रकार के बैकलॉग को तुरंत पूरा करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि कैंसर (ब्रेस्ट, ओरल और सर्वाइकल) के मरीजों के आंकड़े अनिवार्य रूप से विकासखंड स्तर पर संधारित किए जाएं, ताकि उनकी सही ट्रैकिंग हो सके।
कलेक्टर श्री सिंह ने गर्भवती महिलाओं में एएनसी पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर, उन्हें प्रसव की संभावित तिथि से एक सप्ताह पहले अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य संस्थाओं में भर्ती कराया जाए। इसके लिए उन्होंने ‘बर्थ वेटिंग रूम’ का प्रभावी उपयोग करने को कहा ताकि प्रसव के समय होने वाले किसी भी खतरे से बचाया जा सके।
कलेक्टर श्री सिंह ने समेकित समीक्षा के दौरान विकासखंड सोनकच्छ के स्वास्थ्य सूचकांकों में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि वे ‘डेटा एनालिसिस और निरंतर मॉनिटरिंग’ की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि जिले के सभी विकासखंडों को स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल का प्रतिशत विकासखंड खातेगांव में कम हहोने पर सुधार के निर्देश दिए।
बैठक में कैंसर नियंत्रण पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि 30 वर्ष से ऊपर की प्रत्येक महिला के स्तन कैंसर की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने इसके लिए बाकायदा एक आधिकारिक आदेश जारी करने के निर्देश दिए, जिसके तहत ओपीडी में आने वाली हर महिला की स्तन कैंसर जांच सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और जांच का दायरा भी तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने सीपीएचसी कंसलटेंट को समय-सीमा देते हुए कहा कि डायबिटीज मेलाईटिस से संबंधित डेटा अपडेशन का पूरा कार्य आगामी 5 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को हिदायत दी कि वे अपने-अपने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें, उनमें प्रगति लाएं और अपने अधीनस्थों से मुस्तैदी से कार्य कराएं।
आयुष्मान भारत हेल्थ आईडी (आभा आईडी लिंकिंग) के कार्य में संतोषजनक प्रगति न मिलने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इस कार्य में शिथिलता बरतने के कारण एनसीडी नोडल अधिकारी और सीपीएचसी कंसलटेंट को तत्काल ‘कारण बताओ सूचना पत्र’ जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, परिवार कल्याण कार्यक्रम में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर नोडल अधिकारी को वेतनवृद्धि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिला चिकित्सालय में दो डाक्टर्स को ही पोस्टमार्टम करने की डयूटी करना है, अन्य सभी चिकित्सक निर्धारित ओपीडी देखेंगे। उन्होंने एनएचएम के सब इंजीनियर को निर्देशित किया कि सभी नवनिर्मित स्वास्थ्य संस्थाओं का अतिशीघ्र कार्य पूर्ण करें, ताकि वे कार्यरत हो जायें। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए टी.बी. प्रिवेंटिव थैरेपी एवं फूड बाॅस्केट की समीक्षा करते हुए कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिये।
उन्होेेंने मातृ मृत्यु की विस्तृत समीक्षा करते हुए खटाम्बा मातृ मृत्यु के प्रकरण में परिजनों से विस्तृत चर्चा की एवं इस प्रकरण में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डाॅ. पुष्पा पवैया की लापरवाही परिलक्षित होने पर राज्य स्तर पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।
त्रिलोकनगर निवासी मातृ मृत्यु के प्रकरण में संजीवनी क्लीनिक एवं आदियोगी मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल की समीक्षा के दौरान टीम बनाकर अग्रिम कार्यवाही हेतु मेडिकल काॅलेज में प्रकरण भेजने हेतु निर्देशित किया, जहां इसकी विस्तृत समीक्षा की जायेगी।
खातेगांव निवासी मातृ मृत्यु प्रकरण में संपूर्ण जानकारी के साथ आगामी 7 दिवस के भीतर उपस्थित होने निर्देशित किया गया। शिशु मृत्यु की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का डयूटी चार्ट बनाकर प्रस्तुत किया जाये, जिसका वह स्वयं अवलोकन करेंगे।
शिशु मृत्यु प्रकरण सिविल अस्पताल सोनकच्छ में लापरवाही पाये जाने पर उक्त दो दिवसों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ एवं डयूटी इंचार्ज का 10-10 दिन का वेतन काटे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि अस्पतालों मे आने वाली समस्त गर्भवती महिलाओं का संक्रमण चेक किया जाये।
उन्होंने स्टेप्स वाईज हेण्ड वाशिंग के प्रोटोकाॅल का पालन किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि प्रापर हाइजीन के बिना कराये गये प्रसवों के मामले में संबंधित नर्सो को दण्डित किया जायेगा।
जिले के सेप्सिस से संक्रमित 12 बच्चों की मृत्यु के प्रकरणों में लापरवाह चिकित्सक एवं नर्सो के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। डयूटी डाक्टर, संक्रमण संबंधी पूरे प्रोटोकाॅल की माॅनिटरिंग करेंगे जिसमें ध्यान रखा जाये कि हाथ सफाई से धुले हों, सामग्री फ्यूमिगेट हो और महिलाएं संक्रमित ना हों। उन्होंने प्रोटोकाॅल आपरेशन थियेटर के अंदर लिखकर लगाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले के सभी चिकित्सक गंभीरता से कार्य करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु हमारी गंभीर लापरवाही प्रदर्शित करती हैं। जिन नाबालिग माताओं के शिशुओं की मृत्यु हुई है उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि नाबालिग विवाह के संबंध में माता-पिता के विरूद्ध कार्यवाही की जा सके और आवश्यकतानुसार एफआईआर भी की जा सके।
गृह प्रसव वाले स्थानों की आशा कार्यकर्ताओं को पद से हटाकर नई नियुक्तियों हेतु प्रक्रिया करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि मरीज को रेफर करने से पहले ध्यान रखें कि उसे स्थिर करके ही भेजा जाए। गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल प्रकरणों में लापरवाही करने वाले स्टाफ को पद से पृथक किया जाये।
लेब संचालनकर्ता जिनका स्टेट से टेण्डर हुआ है, उन्हें नोटिस जारी करें क्योंकि लेब से सही परिणाम नही आ रहे हैं। सोनकच्छ में गृह प्रसव मामले में संबंधित एएनएम को निलंबित करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अब नवाचार के रूप में एआई जनरेटेड सिस्टम से काॅल किये जायेंगे। जिन महिलाओं की फर्स्ट एएनसी हो गई है और डिलेवरी को छः माह हो गये हैं ऐसी महिलाओं को एआई के माध्यम से काॅल लगाया जायेगा और जानकारी देने के साथ ही एआई महिलाओं के सवालों का जवाब देगा तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेगा।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी। लापरवाहों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। नियंत्रणकर्ता अधिकारी संस्थाओं पर नियंत्रण रखें। उन्होंने सुमन पंचायत के क्रियान्वयन के लिए भी आवश्यक दिशा -निर्देश दिये।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला, सीएमएचओ डाॅ सरोजिनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डाॅ आरपी परमार, जिला टीकाकरण अधिकारी एवं सीडीआर नोडल अधिकारी डॉ सुनील तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ वंदना केसरी, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डाॅ. मोहम्मद शाहिद शेख, जिला चिकित्सालय के विषेषज्ञ, चिकित्सक, राष्ट्रीय कार्यक्रम अधिकारी, समस्त बीएमओ, नर्सिंग स्टाफ उपस्थित था।




