सायबर ठगी के लिए सिम कार्ड का नेटवर्क, सात आरोपी गिरफ्तार
लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सस्ते मोबाइल-लैपटॉप का झांसा देकर करते थे ठगी

– देवास जिले के अलग-अलग स्थानों से ऑपरेट कर रहे थे सायबर ठगी के कॉल सेंटर
– देश के अलग-अलग स्थानों से लोगों से लाखों रुपए ठगे
देवास। सायबर ठगी की अलग-अलग वारदातों में इस्तेमाल किए जा रहे सिम कार्ड के नेटवर्क की जांच में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने और अन्य लोगों के नाम पर सिम लेकर उन्हें ठगी करने वाले नेटवर्क तक पहुंचाते थे। पुलिस अब इन सिम कार्ड के जरिए हुई अन्य वारदातों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा ऑपरेशन FAST (Forged-Activated-SIM-Termination)के अंतर्गत पूरे प्रदेश में एक साथ सायबर ठगी में प्रयुक्त सिम कार्ड धारकों, विक्रेताओं और एजेंट्स के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य सायबर ठगी जैसे अपराधों में प्रयुक्त हो रहे सिम कार्ड और उनसे जुड़े अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करना है।
उक्त अभियान के तहत देवास जिले से संबंधित 6 सायबर अपराध शिकायतों की जांच हेतु पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद द्वारा निर्देशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेन्द्रसिंह वर्धमान के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक देवास सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी औघोगिक क्षेत्र अमित सोलंकी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के द्वारा सायबर सेल भोपाल से प्राप्त शिकायतों और दस्तावेजों के आधार पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की गई। उक्त नंबरों से जुड़े उपभोक्ता के विश्लेषण में सामने आया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गिरोह के सदस्यों के द्वारा स्वयं व अन्य लोगों के नाम से सीम खरीद कर उक्त सीमों के माध्यम से अलग-अलग तरह से आम जनता से सायबर फ्राड के द्वारा ठगी की घटना को अंजाम देते थे।
• आरोपी अजय परमार से पूछताछ पर बताया कि उसने अपने नाम से कुल 6 सीम कार्डों को प्रयोग कर आम लोगों को लोन दिलाने के नाम पर सायबर फ्रॉड किया है।
• आरोपी नितिन बगानिया ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने नाम की 2 सीम कार्ड व अन्य लोगों की सीम कार्ड आगे अपने साथी विशाल को सप्लाय की थी व विशाल ने राजकुमार को सप्लाय की थी। राजकुमार से पूछताछ करने पर पाया गया कि उसने अपने गिरोह के माध्यम से आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आम लोगों को विश्वास में लेकर उनसे सायबर फ्राड किया गया है।
• आरोपी अजय बागवान ने बताया कि उसने स्वयं के नाम से 5-6 सीम कार्ड व अन्य लोगों की सीम कार्ड अपने साथी अभिषेक कुमावत को दी थी व अभिषेक ने अपने साथी अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्ट्रग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर सस्ते दामों में मोबाइल व लैपटाॅप बेचने का बोलकर लोगों को झांसे में लेकर उनके साथ सायबर फ्रॉड किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गिरोह द्वारा देश के अलग-अलग स्थानों से लोगों के साथ विभिन्न प्रकार से सायबर ठगी की घटना को अंजाम देकर अभी तक ज्ञात कुल 6 घटनाओं मे लगभग 10 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। उक्त गिरोह से पहले भी दिल्ली सायबर क्राइम के द्वारा 398 सीम कार्ड अलग-अलग कंपनियों की जब्त की जा चुकी है, जिस संबंध में थाना आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली में वर्ष 2025 में अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना औघोगिक क्षेत्र में उक्त गिरोह के विरूद्ध धारा 318(4) बीएनएस 66(ग) आईटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सीम कार्ड व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर उक्त सायबर फ्रॉड में संलिप्त अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी-
1. अजय परमार उम्र 35 वर्ष निवासी 105 अमृत पार्क मल्हार रोड देवास
2. अजय बागवान उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन
3. नितिन बामनिया उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ जिला देवास
4. अभिषेक कुमावत उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन
5. विशाल गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ जिला देवास
6. राजकुमार उर्फ छोटू गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ जिला देवास
7. अंकित कुमावत उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन
सराहनीय कार्य- थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र अमित सोलंकी, उप निरीक्षक गौरव नगावत, सउनि हितेंद्र चंद्रवंशी, प्रआर अजय बैस, जितेंद्र, घनश्याम बामनिया, संजय, आरक्षक रणवीर सिकरवार तथा सायबर सेल से प्रआर सचिन चौहान एवं शिवप्रताप सिंह सेंगर का सराहनीय योगदान रहा।



