20 दिन बाद झूमकर बरसे बादल; मुरझाती सोयाबीन को मिला नया जीवन, किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

40 मिनट और फिर 30 मिनट की तेज बारिश ने बदली खेतों की तस्वीर, मक्का और मूंगफली की फसलों को भी मिला बड़ा सहारा
सिरोल्या (अमर चौधरी)। करीब 20 दिनों तक बारिश नहीं होने से चिंतित किसानों के लिए आखिरकार राहत की खबर आई।
सिरोल्या सहित आसपास के क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 40 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। इसके बाद शुक्रवार दोपहर करीब 30 मिनट तक फिर तेज वर्षा हुई। इस बारिश ने उमस और गर्मी से राहत देने के साथ-साथ खेतों में सूखने लगी फसलों में भी नई जान फूंक दी।
सूखती फसलों में लौटी हरियाली
लगातार बारिश नहीं होने से सोयाबीन की फसल मुरझाने लगी थी और किसान उत्पादन को लेकर चिंतित थे। लेकिन दो दिनों में हुई अच्छी बारिश के बाद खेतों का नजारा बदल गया। सोयाबीन फिर से हरी-भरी दिखाई देने लगी है। मक्का और मूंगफली की फसलों को भी पर्याप्त नमी मिलने से तेजी से बढ़वार शुरू हो गई है।
किसानों ने कहा- समय पर हुई बारिश बनी वरदान
किसान ईश्वरलाल चकाचक, बाबूलाल परमानंद चौधरी, भगवानलाल बागवान, गोविंद मंडलोई तथा सुतारखेड़ा के राधेश्याम चौधरी, लीलाधर चौधरी और सुभाष चौधरी ने बताया कि लगभग एक माह पहले बोई गई सोयाबीन अब फूल आने की अवस्था में पहुंच रही है। यदि इस समय बारिश नहीं होती तो फसल को भारी नुकसान हो सकता था।
उनका कहना है कि यह बारिश फसल के लिए अमृत समान साबित हुई है और अब अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।
फूल आने से पहले होगा कीट नियंत्रण
किसानों ने बताया कि अगले सप्ताह सोयाबीन में फूल आने शुरू हो जाएंगे। इस दौरान तना मक्खी और अन्य कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाएगा, ताकि फसल सुरक्षित रहे और उत्पादन पर कोई असर न पड़े।
नदी-नालों में भी बढ़ा जलस्तर
बारिश का असर केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा। क्षेत्र के नदी-नाले और छोटे जलस्रोत भी पानी से भरने लगे हैं। इससे सिंचाई की चिंता कुछ कम हुई है और भूजल स्तर में भी सुधार की उम्मीद जगी है। किसानों के चेहरों पर लौट आई मुस्कान बता रही है कि यह बारिश उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।




