प्रशासनिक

कार्यालय में बैठकर नहीं चलेगा काम, फील्ड में उतरकर करनी होगी मॉनिटरिंग

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने समय-सीमा संबंधी बैठक में दी सख्त हिदायत

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एसडीएम कोर्ट के मामलों का जल्द निराकरण हो, अमृत 2.0 और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

दुकानों के बाहर कचरा मिला तो होगी कार्रवाई, स्वच्छता को लेकर अपनाया सख्त रुख

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति एवं अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने “मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान” की समीक्षा कर निर्देश दिए कि अभियान के तहत आगामी 11 सितंबर को टोंकखुर्द विकासखंड के ग्राम इकलेरा में “मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर” का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए संबंधित विभाग अपनी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लें। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन विश्वास शिविर के दिन वे अनिवार्य रूप से अपने-अपने विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय भवनों, योजनाओं और संरचनाओं का फील्ड निरीक्षण करेंगे।

इसके साथ ही कलेक्टर श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा कर विशेष रूप से 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर फोकस करते हुए अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि इन सभी पुरानी शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने एसडीएम कोर्ट में लंबित न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा कर प्रकरणों का शीघ्र और समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी नगरीय निकायों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनका तकनीकी दल द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए। निरीक्षण की फाइनल रिपोर्ट के आधार पर ही कार्यों का हैंडओवर लिया जाएगा। उन्होंने नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को नगर परिषद क्षेत्र में प्रगतिरत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवरेज लाइन और पेयजल की पाइपलाइन कभी भी पास-पास नहीं होनी चाहिए। दोनों लाइनों के बीच कम से कम 1 मीटर की अनिवार्य दूरी रखी जाए। ऐसा ना होने पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर कार्रवाई की जाये।

कलेक्टर श्री सिंह ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए त्रिस्तरीय कचरा कलेक्शन मॉडल का पालन कड़ाई से करने के निर्देश दिए। नगर परिषदों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कर उसे जिला स्तरीय एमआरएफ में भेजा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों का कचरा पहले नगर परिषदों में लाया जाएगा और वहां से जिला मुख्यालय भेजा जाएगा। बाजारों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जिन दुकानों में डस्टबिन नहीं पाया जाएगा या जिन दुकानों के आसपास कचरा फैला हो, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। नगर परिषद द्वारा की गई चालानी कार्रवाई की रिपोर्ट भी आगामी बैठक में दी जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए ग्राम पंचायतों को जल कर और संपत्ति कर वसूलने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री सिंह ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित और प्रगतिरत पेयजल योजनाओं की समीक्षा कर निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं में तेजी लाई जाए और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुचारू रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों में धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल कार्यालय में न बैठकर स्वयं फील्ड पर जाएं। वे नियमित रूप से मैदानी स्तर पर जाकर प्रगतिरत योजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग करें और आ रही तकनीकी या व्यावहारिक दिक्कतों को मौके पर ही दूर कर काम की रफ्तार बढ़ाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत नवीत कुमार धुर्वे, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, डीएफओ अमित सिंह, अपर कलेक्टर संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला, संयुक्त कलेक्टर विशाखा देशमुख सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

 

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