तीनों बार तैरी भगवान नृसिंह की पाषाण प्रतिमा, मान्यता के अनुसार आने वाला साल रहेगा सुख-समृद्धि से भरा
डोल ग्यारस पर भमोरी नदी में दिखा आस्था का अद्भुत दृश्य, नृसिंह घाट पर जयकारों से गूंजा वातावरण

हाटपीपल्या (नरेंद्र ठाकुर)। डोल ग्यारस के अवसर पर मंगलवार को हाटपीपल्या के नृसिंह घाट पर आस्था और परंपरा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। भमोरी नदी में भगवान नृसिंह की करीब साढ़े सात किलो वजनी पाषाण प्रतिमा को पानी की सतह पर तैराया गया। प्रतिमा पहली, दूसरी और तीसरी बार भी पानी पर काफी देर तक तैरती रही।
प्रतिमा के तीनों बार तैरने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया और पूरा घाट भगवान नृसिंह के जयकारों से गूंज उठा। स्थानीय मान्यता के अनुसार तीनों बार प्रतिमा के तैरने को आगामी 12 माह सुख-समृद्धि से भरे रहने का संकेत माना जाता है।
स्थानीय नृसिंह घाट पर प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी डोलग्यारस के अवसर पर मंगलवार को भमोरी नदी में पानी की सतह पर साढ़े सात किलो वजनी चमत्कारिक पाषाण प्रतिमा को तैराया गया। प्रतिमा के तीनों बार तैरते ही सारा वातावरण भगवान नृसिंह के जयकारों से गूंज उठा।

इसके पूर्व नृसिंह मन्दिर से आकर्षक ढंग से सजाए गए डोल में पाषाण प्रतिमा को प्रतिष्ठित किया गया। नगर के सभी मंदिरों नृसिंह मन्दिर, लक्ष्मीनारायण मन्दिर, राधाकृष्ण मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, श्रीकृष्ण मन्दिर, श्रीराम मन्दिर के डोल डॉ. मुखर्जी चौक पर एकत्रित हुए, जहां से अखाड़ों के साथ चल समारोह प्रारम्भ हुआ। चल समारोह के दौरान जयशिव व्यायामशाला, बजरंग व्यायामशाला, श्रीराम व्यायामशाला के कलाकारों ने हैरत अंगेज करतब दिखाए। अखाड़े, बैंड-बाजे और ढोल धमाके के साथ निकले चल समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाम करीब सवा पांच बजे डोल भमोरी नदी स्थित नृसिंह घाट पहुंचे। सभी मन्दिरों के डोल को जल में झूलाकर पुजारियों ने नदी में स्नान किया और भगवान की आरती की।
नृसिंह मन्दिर के पुजारी पं. अविनय वैष्णव ने गंगाजल छिडक कर नदी का पवित्रीकरण किया तथा नदी में दीपक प्रवाहित किया। नदी में पुष्पमाला अर्पित करने के बाद पुजारी श्री वैष्णव ने पाषाण प्रतिमा को जैसे ही नदी में पानी की सतह पर छोडा और पानी की सतह पर पाषाण प्रतिमा तैरने लगी तो सारा वातावरण भगवान नृसिंह
के जयकारों से गूंज उठा तथा श्रद्धालु झूम उठे। पहली बार, दूसरी बार व तीसरी बार पाषाण प्रतिमा को पानी की सतह पर छोडा गया तो पाषाण प्रतिमा काफी देर तक तैरी। इस अद्भूत चमत्कारिक नजारे को देखने के लिये श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आम धारणा यह है कि तीनों बार प्रतिमा के तैरने पर विभिन्न दृष्टि से आगामी वर्ष सुख, समृद्धि से भरा होता है। एक बार तैरने पर 4 माह, दो बार तैरने पर 8 माह तथा तीनों बार तैरने पर 12 माह अच्छे रहते हैं। तीनों बार प्रतिमा तैरी है, जिसके हिसाब से पूरा साल सुख, समृद्धिदायक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। पाषाण प्रतिमा को तैराये जाने के बाद पुष्पमाला चढ़ाने की बोली 81,101 रुपये में तमिलनाडू के निरंजन तिवारी ने ली।इस अवसर पर भजन मंडली द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर विधायक मनोज चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव, जयसिंह ठाकुर, राजवीरसिंह बघेल, नगर परिषद अध्यक्ष चन्द्रकान्ता राठौर, अध्यक्ष प्रतिनिधि अरूण राठौर, नप उपाध्यक्ष नरबेसिंह तलाया, पार्षदगण महेन्द्र यादव दिपक धोसरिया, अशोक पटेल, अजीत रजावत, राहुल तंवर, भुजराम जाट सहित कई गणमान्य नागरिक और दूरदराज से आए श्रद्धालु उपस्थित थे।
नृसिंह घाट सहित अनेक स्थानों पर चल समारोह के दौरान अखाड़े के कलाकारों का सम्मान किया गया। आयोजन में व्यवस्था बनाने में एसडीएम शिवम यादव, एसडीओपी श्री बैस, तहसीलदार दीपाली जाधव, थाना प्रभारी दीपकसिंह यादव, सीएमओ सविता सोनी सहित पुलिस प्रशासन, नगर परिषद, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग एवं नगर सुरक्षा समिति आदि का सराहनीय सहयोग रहा।
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