कलेक्टर ने टोंकखुर्द के स्कूलों, छात्रावासों और सोसायटियों का किया निरीक्षण
किताब वितरण में लापरवाही पर एसडीएम को जांच के दिए निर्देश

खेत में उतरे कलेक्टर: सोयाबीन फसल का लिया जायजा, किसानों की समस्याएं भी सुनी
किताब वितरण में लापरवाही पर एसडीएम को जांच के दिए निर्देश
खाद उठाव में देरी पर जवाब-तलब, सोसायटी परिसर में निजी निर्माण पर जांच के निर्देश
देवास। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत कलेक्टर ऋतुराज सिंह टोंकखुर्द विकासखंड अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में शासकीय संस्थाओं, स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्था देखने पहुंचे।
उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवली पहुंचकर पाठ्यक्रम और शिक्षकों की उपस्थिति संबंधी जांच की। कलेक्टर श्री सिंह ने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई का फीडबैक भी लिया। इस दौरान छात्राओं ने गणित विषय में आ रही समस्या उठाई। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने अतिथि शिक्षक को तलब कर स्पष्ट कहा कि छात्रों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इसके लिए अगर अतिरिक्त ट्रेनिंग की आवश्यकता पड़ती है, तो प्रशासन द्वारा वह भी मुहैय्या करायी जायेगी। स्कूल में गंदगी और पानी की समस्या पर नाराज़गी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान किताबों की उपलब्धता जांचते समय यह बात सामने आई कि विगत वर्ष की कक्षा किताबें बच्चों को वितरित नहीं की गईं। कलेक्टर श्री सिंह ने इस लापरवाही पर एसडीएम को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने स्कूल परिसर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया और बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील संबंधी जानकारी लेने पर सामने आया कि मिड-डे मील रसोइये द्वारा घर पर बनाया जा रहा है, जिस पर उन्होंने भोजन को अनिवार्य रूप से स्कूल परिसर के भवन में ही तैयार करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही रसोई घर की पुताई जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए।
किसानों की समस्या सुनी: खेतों में जाकर देखी फसल-
निरीक्षण के दौरान स्थानीय किसानों ने कलेक्टर श्री सिंह को पानी की कमी और सोयाबीन की फसल में पीले मोजेक के प्रकोप की शिकायत की। किसानों की चिंता को देखते हुए कलेक्टर श्री सिंह सीधे खेतों में उतरे और प्रभावित सोयाबीन फसल का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधितों को इस संबंध में उचित मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।

बालक आश्रम में बच्चों का हौसला बढ़ाया-
कलेक्टर श्री सिंह ने शासकीय विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति बालक आश्रम, देवली के बच्चों से बातचीत कर उनके भोजन, आवास और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जाना और उन्हें उचित मार्गदर्शन भी दिया। इस दौरान बताया गया कि आश्रम में निवासरत बच्चों को निःशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। वहीं, आश्रम तक पहुंचने के लिए रास्ते की समस्या से अवगत कराये जाने पर कलेक्टर ने तत्काल स्थानीय पटवारी को भू-स्वामियों से चर्चा कर रास्ता निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम भवन की पुताई कराने के भी निर्देश दिए।

चौबाराधीरा में सहकारी संस्था और शासकीय छात्रावास का निरीक्षण-
कलेक्टर श्री सिंह ने बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित चौबराधीरा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से ई-टोकन प्रणाली, कार्य प्रक्रिया, समायोजन और खाद के स्टॉक की जानकारी ली। खाद का उठाव समय पर नहीं होने पर उन्होंने जवाब-तलब किया। उन्होंने सोसायटी से जुड़े बुजुर्ग किसानों की संख्या की भी जानकारी ली। सोसायटी परिसर में निजी निर्माण कार्य पर उन्होंने एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, ट्राइबल विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय सीनियर बालक छात्रावास चौबराधीरा के निरीक्षण के दौरान भवन की स्थिति खराब पाई जाने पर कलेक्टर श्री सिंह ने भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए जांच के आदेश जारी किए।

राशन दुकान पर स्टॉक और ऑनलाइन डेटा का मिलान-
कलेक्टर श्री सिंह ने चौबाराधीरा में स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य (राशन) दुकान का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से स्टॉक और बांटे जा रहे राशन सामग्री की जानकारी ली और पीओएस मशीन पर ऑनलाइन डेटा तथा भौतिक स्टॉक का मिलान भी किया।
कलेक्टर श्री सिंह ने दुकान का संचालन कर रही स्व-सहायता समूह की महिलाओं से वर्तमान स्टॉक, उपलब्ध खाद्यान्न और उपभोक्ताओं को बांटी जा रही राशन सामग्री (गेहूँ, चावल आदि) के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने पौधारोपण भी किया।



