कम संसाधन, बड़ा जुनून- क्रिकेट पिच पर देवास की बेटियों की बादशाहत

देवास की 4 खिलाड़ियों का चयन संभागीय अंडर 18 में
मुस्कान की तूफानी सेंचुरी, ऑलराउंडर प्रदर्शन से मचाया धमाल
देवास। देवास की बेटियां क्रिकेट के मैदान में भी अपना दबदबा कायम कर रही हैं। कड़े परिश्रम की बदौलत देवास की 4 खिलाड़ियों का चयन संभागीय अंडर 18 क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए हुआ है। चयन को सही साबित करते हुए ये खिलाड़ी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं।
क्रिकेट का जुनून अब केवल लड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देवास की बेटियां भी चौके-छक्कों की गूंज के साथ अपनी पहचान बना रही हैं। मुस्कान योगी, अलीना खान, रेणुका पंवार और रिद्धिमा जोशी का अंडर-18 संभागीय टीम में चयन हुआ है।
मप्र क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा ग्वालियर में आयोजित इस टूर्नामेंट में प्रदेश के 10 संभागों की टीमें भाग ले रही हैं, जहां हर टीम को 4-4 मुकाबले खेलने हैं। उज्जैन संभाग ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीतकर टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है और विरोधी टीमों को कड़ी चुनौती दी है।
शहडोल के खिलाफ मुस्कान योगी ने अपने बल्ले से रन बरसाते हुए 82 गेंदों में शानदार 100 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में टाइमिंग, स्ट्रोक प्ले और क्रीज पर आत्मविश्वास का बेहतरीन तालमेल नजर आया। मुस्कान की इस सेंचुरी की बदौलत उज्जैन संभाग ने 50 ओवर में 4 विकेट पर 382 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
परिपक्व खेल का प्रदर्शन-
अलीना खान ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 45 गेंदों पर 43 रन बनाए और टीम की रन गति को बनाए रखा। उनकी पारी में तेजी और संयम का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला, जो उनकी कम उम्र के बावजूद परिपक्व खेल का परिचायक है।
बॉलिंग में भी हासिल किए विकेट-
मुस्कान ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया। उन्होंने 8 ओवर में महज 31 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके और विरोधी टीम की कमर तोड़ दी। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। शहडोल की टीम दबाव में आकर मात्र 151 रन पर सिमट गई। इससे पहले उज्जैन संभाग भोपाल को भी हरा चुकी है।
अंडर-18 संभागीय क्रिकेट में मुस्कान योगी की विस्फोटक सेंचुरी और टीम के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट का भविष्य अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
महिला क्रिकेट के प्रति बढ़ रही है रुचि-
जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अरुण रघुवंशी ने इन खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ये बेटियां शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। खासतौर पर अलीना खान, जिनकी उम्र 14 वर्ष से भी कम है, अंडर-18 के खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाकर असाधारण प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि देवास में महिला क्रिकेट के प्रति तेजी से रुचि बढ़ रही है। पहले जहां हमें 11 की टीम बनाना भी चुनौती होता था, वहीं अब नियमित क्रिकेट प्रैक्टिस शिविर के चलते प्रतिभाएं निखरकर सामने आ रही हैं।
उम्मीद: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा नाम रोशन
अब शहर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इन उभरती सितारों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि ये खिलाड़ी आने वाले समय में न केवल राज्य बल्कि भारतीय टीम में जगह बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देवास का नाम रोशन करेंगी। देवास की ये बेटियां अब केवल पिच पर नहीं, बल्कि क्रिकेट के भविष्य पर भी अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी हैं।




