स्वास्थ्य

लू से बचने के देसी नुस्खे: नानी-दादी वाले उपाय, क्या खाएं-पिएं और क्या नहीं

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इन दिनों भारत के अधिकांश हिस्सों में पारा 42°C पार कर गया है। अस्पतालों में लू के मरीज बढ़ रहे हैं। लू से बचाव के तरीकों को अवश्य ही आजमाना चाहिए ताकि लू लगे ही नहीं। हमारे यहां ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी नानी-दादी के देसी नुस्खे आजमाए जा रहे हैं। सैकड़ों साल से MP-निमाड़-मालवा में लोग ऐसे नुस्खे आजमा रहे हैं। खर्चा 10 रु से भी कम।

1. प्याज का नुस्खा – लू का सबसे पुराना तोड़: जेब में छोटा कच्चा प्याज रखें या कानों के पीछे प्याज का रस लगा लें। घर से निकलने से पहले तलवों पर प्याज रगड़ लें।
क्यों काम करता है: प्याज शरीर का तापमान बैलेंस करता है। आयुर्वेद में इसे “गर्मी सोखने वाला” माना गया है। बुंदेलखंड में किसान आज भी खेत पर जाते समय गमछे में प्याज बांधते हैं। सावधानी के लिए कटा प्याज 2 घंटे से ज्यादा खुला न रखें।

2. आम का पना – लू की काट और स्वाद का तड़का: आम का पना गर्मी को शांत करने में उपयोगी बताया गया है। इसे बनाने के लिए 2 कच्ची कैरी उबालें। गूदा निकालकर 1 लीटर पानी, काला नमक, भुना जीरा, पुदीना, शक्कर या गुड़ मिलाएं। फ्रिज में रखें।
फायदा: शरीर में सोडियम-पोटेशियम बैलेंस करता है। लू से होने वाली कमजोरी, उल्टी, चक्कर तुरंत रोकता है।
कब पिएं: दिन में 2 गिलास।
लागत: 1 लीटर पना = 15 रु से भी कम।

3. बेल का शरबत – नेचुरल कूलेंट
कैसे बनाएं: पके बेल का गूदा निकालें। पानी में मसलकर छान लें। थोड़ा गुड़ या मिश्री मिलाएं। बर्फ डालने की जरूरत नहीं।
क्यों पिएं: बेल की तासीर ठंडी होती है। पेट की गर्मी, जलन, लूज मोशन रोकता है। 100 ग्राम बेल में 60 कैलोरी + फाइबर भरपूर।
देसी टिप: मालवा में लोग सुबह खाली पेट बेल शरबत पीते हैं। पूरा दिन लू नहीं लगती।

4. सत्तू का घोल – मजदूरों का एनर्जी फूड
बनाने का तरीका: 2 चम्मच चने का सत्तू, काला नमक, नींबू, प्याज, हरी मिर्च, 1 गिलास पानी। घोलकर पिएं। मीठा चाहें तो गुड़ वाला बनाएं।
फायदा: तुरंत एनर्जी + पेट ठंडा। सत्तू प्रोटीन का भंडार है। लू से शरीर में जो नमक-मिनरल कम होते हैं, वो वापस आ जाते हैं।
कब लें: दोपहर 12-3 बजे के बीच। धूप में निकलने से 30 मिनट पहले पी लें।
लागत: 1 गिलास = 5 रु।

5. इमली-आलूबुखारा – मुंह-गला न सूखने दें
कैसे यूज करें: 2-3 इमली या 1 आलूबुखारा मुंह में रखकर चलें। चूसते रहें।
साइंस क्या है: खट्टी चीजें लार बनाती हैं। डिहाइड्रेशन से मुंह सूखना, गला बैठना रुकता है। इमली में टार्टरिक एसिड शरीर को ठंडा रखता है।

खेत वाला जुगाड़: निमाड़ के किसान गमछे के कोने में इमली बांध लेते हैं। लू लगते ही चूस लेते हैं।

6. गुलाब-खस का शरबत – शरीर में ठंडक लॉक
विधि: 1 चम्मच गुलकंद या 2 चम्मच खस सिरप 1 गिलास ठंडे पानी/दूध में मिलाएं।
फायदा: गुलाब दिल-दिमाग ठंडा रखता है। खस की जड़ नेचुरल AC है। नकसीर फूटना, आंखों में जलन, घमौरियों से बचाता है।
रात का नुस्खा: सोने से पहले मिश्री वाला दूध + 1 चम्मच गुलकंद। नींद अच्छी आएगी, सुबह लू नहीं लगेगी।

क्या खाएं क्या नहीं – नानी-दादी की लिस्ट

जरूर खाएं:
1. पानी वाले फल: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी – दिन में 2 बार
2. छाछ-दही: दोपहर के खाने में 1 गिलास छाछ में पुदीना-भुना जीरा डालकर
3. प्याज: सलाद में कच्चा प्याज रोज खाएं
4. हल्का खाना: दलिया, खिचड़ी, लौकी, तोरई, गिलकी की सब्जी

बिल्कुल न खाएं:
1. तला-भुना: समोसा, कचौरी, पूड़ी – शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं
2. ज्यादा चाय-कॉफी: डिहाइड्रेशन करते हैं। दिन में 2 कप से ज्यादा नहीं
3. बासी खाना: गर्मी में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे खाने से बचे। इनसे फूड पॉइजनिंग का भी खतरा रहता है।

एक्सपर्ट की बात: देसी नुस्खे कुछ हद तक लू से बचाव में काम करते हैं। पर लू लगने के बाद घरेलू इलाज के भरोसे न बैठें। पानी की कमी जानलेवा हो सकती है।

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सुभाष भार्गव का कहना है गर्मी में खाली पेट घर से ना निकलें। खाली पेट धूप में जाने से लू लगने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। जब भी घर से बाहर जाएं तो फुल आस्तीन के कपड़े पहन के निकले तथा सर को सूती कपड़े आदि से ढंककर निकले। सफर के दौरान निरंतर जल का सेवन करते रहे ताकि शरीर में पसीने से पानी की कमी ना हो। अगर लू लग जाए तो घरेलू नुस्खे के साथ में नजदीकी चिकित्सालय में जाकर उपचार करवाएं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और पारंपरिक घरेलू उपायों पर आधारित है। लू से बचाव के लिए बताए गए देसी नुस्खे व्यक्ति विशेष की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग असर कर सकते हैं। किसी भी गंभीर समस्या, एलर्जी, बुखार, उल्टी, चक्कर या बेहोशी की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं तथा शुगर, बीपी या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग घरेलू उपाय अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।

 

 

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