भारत को अगर विश्व गुरु बनाना है तो हमें एक होना होगा- प्रवक्ता निलेश जाट

ग्राम सिरोल्या में संत सिंगाजी महाराज मंदिर में हुआ हिंदू सम्मेलन
सिरोल्या (अमर चौधरी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन के शताब्दी वर्ष के तहत ग्राम सिरोल्या में संत सिंगाजी महाराज मंदिर परिसर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में हिंदूवादियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि दुर्गाप्रसाद शर्मा ने पंच परिवर्तन के बारे में संबोधित किया एवं कहा कि सामाजिक समरसता में हमें समाज में व्याप्त भेदभाव, जाति, वर्ग आदि को समाप्त कर समानता, समावेशन और एकता स्थापित करना है। कुटुंब प्रबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा और संस्कारों पर आधारित मजबूत पारिवारिक मूल्यों को पुनर्जीवित करना, जिससे बच्चों में संस्कार बढ़ें और एकल परिवारों की प्रवृत्ति रुके। पर्यावरण संरक्षण के बारे में कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, वृक्षारोपण और प्लास्टिक का कम उपयोग करके पर्यावरण की रक्षा हमें करनी है। स्वदेशी आचरण पर कहा कि आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाना, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना और राष्ट्रीय चेतना पर आधारित जीवन हमें जीना चाहिए।
नागरिक कर्तव्य में कहा कि कानून का पालन करना, करों का भुगतान करना और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहकर राष्ट्र के प्रति, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार हम सबको रहना चाहिए।
मातृशक्ति रूपकला मंगरोलिया ने संबोधित किया एवं कहा कि हमारी बेटियों को अच्छे संस्कार के साथ ही आत्मरक्षा के गुर भी समझाने चाहिए ताकि देश में हो रही लव जिहाद की घटनाओं को मुंह तोड़ जवाब हम दे सकें। बेटियों को घर पर रहकर गीता, रामायण पाठ, हनुमान चालीसा का वाचन प्रतिदिन करना चाहिए। हमारी संस्कृति ही हमारी धरोहर है। हम जैसे रहेंगे वैसे ही हमारी संस्कृति छलकेगी। संघ के वक्ता निलेश जाट ने संबोधित किया एवं कहा कि जात-पात में हमें नहीं बंटना है। हम हिंदू है ऊंचाई में हम हिंदी हैं। गहराई में हम सिंधु हैं, तपन में हम सूर्य हैं शीतलता में हम हिंदू है। गर्व से कहते हैं हम हिंदू हैं।

हम सौभाग्यशाली है कि हमने भारत भूमि में और हिंदू धर्म में जन्म लिया भारत भूमि वह भूमि है जो नर को भी नारायण बना देती है। भारत को विश्व गुरु बनाना है तो हमें जात-पात में नहीं बंटना है समग्र हिंदू समाज को एक रहना होगा। देश को भारत माता इसलिए कहते हैं कि हम नारी को शक्ति स्वरूपा मानते हैं। कार्यक्रम का संचालन आनंद मुकाती ने किया। धर्म जागरण जिला सहसंयोजक एवं सहयोगी प्रमुख अर्जुन पटेल, धर्म जागरण परियोजना प्रमुख ओम पटेल एवं आभार आयोजन समिति के सुनिल पटेल, राजा फौजी, जगदीश चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, महेश मंडलोई, निलेश पटेल, लखन चौधरी ने माना।




