धर्म-अध्यात्म

संत रविदास जयंती पर निकले चल समारोह में देवास से सैकड़ों लोग हुए शामिल

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नगर सहित प्रदेशभर से लगभग 10 हजार संत शिरोमणि रविदासजी के अनुयाईयों ने लिया भाग

देवास। गुरु रविदास अनुयायी समिति द्वारकापुरी इंदौर के तत्वावधान में इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र एवं इन्दौर, देवास, उज्जैन से संयुक्त 12 समाज समितियों के पदाधिकारी एवं समाज बंधु व जनसमुदाय ने मिलकर द्वारकापुरी से चल समारोह निकालकर दशहरा मैदान पर भव्यरूप में समापन किया।

चल समारोह में देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम सहित प्रदेशभर से कई जिलों से संत शिरोमणि रविदास जी के लगभग दस हजार अनुयायियों ने भाग लिया। सूरज केरो ने संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने जो ऊंच-नीच, भेद-भाव व कुरीतियों को दूर करने की अलख जगाई थी, उसे हम कभी बुझने न दें। एक ऐसी ज्ञान की ज्योति, समानता की ज्योति जिससे कि हम सब प्रकाशमान हो रहे हैं। कुरीतियों को जब तक हम दूर नहीं करेंगे, तब तक हम समाज के उत्थान की कल्पना नहीं कर सकते। प्रत्येक समाज बंधु अपने बच्चों को उच्च शिक्षित करें। जिससे परिवार, समाज और देश की प्रगति हो।

महामण्डलेश्वर दादूजी महाराज के सानिध्य, सूरज केरो (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा), केपी गनगोरे (हायकोर्ट एडवोकेट एवं मध्यप्रदेश बार एसोसिएशन सदस्य), महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी गौड, मालासिंह ठाकुर, डॉ. ममता चौधरी (प्राचार्य), डॉ. पीयूष जोशी (राष्ट्रीय प्रवक्ता आप), सुनील (सोनू) अहिरवाल (नगर उपाध्यक्ष अजा मोर्चा, इंदौर), गुरजीत कौर, सतनामसिंह खनूजा (पार्षद वार्ड 84), शहर कांग्रेस कमेटी से रविकांत मिश्रा, राजेश तोमर मंडल अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सम्मिलित हुए। समाजबंधु संतोष खोवारे (हाईकोर्ट एडवोकेट), सिसोदिया, रमन धुलधोये, गजानन्द पिचोडवाल, अमरसिंह माठोलिया, राजेश पिचोडवाल, विजय सेनवार (भजन गायक), प्रीतम सेनवार (उस्ताद), राजेन्द्र अमोलिया, संतोष अस्ताया, कला कलथिया, कैलाश बेतव, रामकिशन अमोलिया, कमल गरोडा, कैलाश राजोरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वैज्ञानिक अतुल कोटिया को “समाज यश कीर्ति” सम्मान से सम्मानित किया और खेलकूद क्षेत्र में प्रतिभावान कलाकार एवं शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंबाराम चकोटिया (अध्यक्ष) ने की। मीडिया प्रभारी के रूप में जितेंद्र गोलिया व अमन कपोनिया थे। संचालन खुमानसिंह आमोलिया, गजेंद्र वर्मा ने किया। आभार जगदीश सीताराम अस्ताया ने माना।

 

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