प्रशासनिक

स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

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– कार्य में लापरवाही बरतने वाले 18 चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारियों पर सख्‍त कार्रवाई

– एक को निलंबित, पांच की वेतनवृद्धि रोकने, तीन पर विभागीय जांच, सात के वेतन काटने एवं दो को शोकाज नोटिस के दिए निर्देश

– सोनकच्‍छ की स्थिति निराशाजनक होने पर बीएमओ को कलेक्‍टर ने लगाई फटकार, दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

– कलेक्‍टर ऋतुराज सिंह की अध्‍यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित

देवास। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में बरती जा रही लापरवाही पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सख़्त रुख अपनाया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा के दौरान गंभीर खामियां सामने आने पर 18 चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कार्रवाई में एक अधिकारी का निलंबन, पांच की वेतनवृद्धि रोकना, तीन पर विभागीय जांच, सात के वेतन कटौती एवं दो को शोकॉज नोटिस शामिल हैं। सोनकच्छ विकासखंड की निराशाजनक स्थिति पर कलेक्टर ने बीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए दो वेतनवृद्धि रोकने के आदेश भी दिए।

कलेक्‍टर ऋतुराज सिंह की अध्‍यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में संयुक्‍त कलेक्‍टर सुश्री अंशु जावला, सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डॉ. आरपी परमार, महिला बाल विकास अ‍धिकारी साबिर अहमद सिद्धिकी, कार्यक्रम नोडल अधिकारी, बीएमओ, विकासखण्ड कार्यक्रम अधिकारी, बीईई, लेखापाल, सुपरवाईजर सहित शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने शिशु स्वास्थ्य एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत बच्चों एवं महिलाओं का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सेवाओं प्रदायगी, आयुष्मान योजना सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम मिशन परिवार विकास कार्यक्रम, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनआरसी, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, एसएनसीयू, एनसीडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने एएनसी रजिस्‍ट्रेशन की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में 66.04 प्रतिशत एएनसी कार्य किया गया है। जिस पर कलेक्‍टर श्री सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा यह विभाग का नियमित कार्य है। इसमें लापरवाही बर्दास्‍त नहीं की जाएगी।

गर्भवती महिलाओं का अनमोल पोर्टल में एएनसी पंजीयन में लापरवाही पर प्रभारी एएनएम रीना साकते, एएनएम दीपिका वर्मा का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्र में मॉनिटरिंग में लापरवाही करने पर बीईई सुखदेव रावत की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। एएनसी कार्य में सोनकच्‍छ की स्थिति बहुत निराशाजनक होने पर सोनकच्‍छ बीपीएम दीपक चौहान की 10 दिन एवं सोनकच्‍छ बीएमओ राकेश कुमार की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर कर सुरक्षित प्रसव के उद्देश्‍य से स्वस्थ मां और स्वस्थ्य शिषु के जन्म को ध्यान में रखते हुए एनीमिक गर्भवती महिलाओं को शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में ब्लड ट्रांसफ्यूशन पर कलेक्टर देवास द्वारा 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की योजना आगामी दिसम्बर 2026 तक लागू की गई है। इस प्रोत्साहन राशि से गर्भवती महिलाओं को संबल मिलेगा और अपने स्वास्थ्य के प्रति स्वयं सजग भी रहेगी।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने कहा एनएनसी रजिस्‍ट्रेशन का कार्य प्रतिमाह शतप्रतिशत करना सुनिश्चित करें, तभी आईएमआर तथा एमएमआर में सुधार होगा। कलेक्‍टर श्री सिंह ने निर्देश दिए स्‍वास्‍थ्‍य एवं महिला बाल विकास विभाग अभियान चलाकर जिले में शत प्रतिशत एएनसी रजिस्‍ट्रेशन करें। बैठक में एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन की स्थिति एवं 4 एएनसी चेकअप की समीक्षा की। 4 एएनसी चेकअप में लापरवाही पाये जाने पर उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक गर्भवती महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य की जवाबदेही स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की है। इसमें लापरवाही बर्दास्‍त नहीं की जायेगी। कार्य में लापरवाही बरतने वाले बागली बीपीएम रतनसिंह जामले एवं कन्‍नौद बीपीएम प्रदीप पवार का दस दिन का वेतन और एपीएम स्‍वीटी यादव का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने सभी बीएमओ को निर्देश दिये कि पेथालॉजी में आने वाले शतप्रतिश केसो का पंजीयन अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करें। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में अनियमितता एवं लापरवाही को देखते हुए कलेक्‍टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि कलेक्‍टर की अनुमति लिए बिना कोई भी बीएमओ छुट्टी पर नहीं जाए। कलेक्‍टर श्री सिंह ने सोनकच्‍छ में पदस्‍थ डॉ. आदर्श ननेरिया एवं डॉक्‍टर वर्षा राय द्वारा मुख्‍यालय पर नहीं रहने एवं मरीजों को समय पर सेवा नहीं देने पर शोकाज नोटिस दने के निर्देश दिए।

उन्‍होंने रेफेर केसो की समीक्षा कर निर्देश दिए कि हाईरिस्‍क पर ही रेफर किया जाए। जिले की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में सभी सुविधाएं उपलब्‍ध है। डॉक्‍टर अपनी जिम्‍मेदारी निभाए और बिना हाईरिस्‍क के रेफर नहीं करें।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने  मातृ मृत्‍यु प्रकरणों की समीक्षा की एवं सभी प्रकरणों में संबंधित परिजनों से वार्ता कर जानकारी ली। मातृ मृत्‍यू प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाली प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पानी गांव की चिकित्‍सक डॉ. मेघा कदम की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। रेफर एनीमिक महिला का कन्‍नौद में उपचार नहीं करने पर कन्‍नौद बीएमओ लोकेश मीणा सहित डयूटी स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी एवं जिला चिकित्‍साल की डॉ लक्ष्‍मी जायसवाल की विभागीय जांच बिठाने एवं ड्यूटी नर्स की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये। उन्‍होंने बाल मृत्‍यु प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधितों से बालक की मृत्‍यु का कारण जाना। कलेक्‍टर श्री सिंह ने सभी बीएमओ को निर्देश दिये कि जितने भी बच्‍चे रेफर किये जाते हे, उन्‍हें साफ टॉवेल का उपयोग कर रेफेर करें, जिससे बच्‍चों को किसी प्रकार का संक्रमण न हो पाये। बैठक में  नेशनल ट्यूबरकुलोसिस प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा की गई। जिसमें टोंकखुर्द द्वारा शतप्रतिशत लक्ष्‍य प्राप्‍त करने पर कलेक्‍टर श्री सिंह ने संबंधितों की सराहना की एवं सोनकच्‍छ में कार्य निराशाजनक पाये जाने पर सोनकच्‍छ एसटीएलएस शर्मिला राठोर का निलम्बित करने के निर्देश दिये।

बैठक में गृह आधारित नवजात शि‍शु की देखभाल की समीक्षा की गई। जिसमें लापरवाही बरतने पर सोनकच्‍छ के बीसीएम पवन सवनेर का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिये। उन्‍होंने एनआरसी में भर्ती बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य सुधार एवं जांच/उपचार में लापरवाही बरतने वाले एनआरसी डॉक्‍टर कपिल गांगिल की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये। बैठक में टीबी मुक्‍त ग्राम पंचायत, राष्‍ट्रीय कुष्‍ट उन्‍मूलन परिवार, मिशन परिवार विकास, मोतियाबिंद ऑपरेशन, एनपी-एनसीडी की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि संकल्‍प से समाधान चलाया जा रहा है, जिसमें आयुष्‍मान योजना एवं बाल हृदय उपचार योजना शामिल है। कलेक्‍टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि स्‍वास्‍थ्‍य विभाग शिविर लगाकर इन दोनो योजनाओं का लाभ जिले के पात्र नागरिकों को दें। उन्‍होंने कहा कि आंखो की जांच और ईलाज तथा केंसर मुख्‍यत: स्‍तन केंसर के लिए शिविर लगाए। उन्‍होंने निर्देश दिये कि स्‍वास्‍थ्‍य विभाग प्रत्‍येक बीस दिन में जिले में शिविर लगाए।

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