आयुक्त ने दिए शुद्ध पेयजल के लिए जांच के सख्त निर्देश

इंदौर की घटना के बाद देवास नगर निगम अलर्ट मोड पर
देवास। शहर में पेयजल जी शुद्धता को लेकर देवास नगर निगम पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने सभी वार्डों में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

इंदौर में हाल ही में सामने आए दूषित जल आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम के बाद देवास नगर निगम ने एहतियातन कदम उठाते हुए पूरे शहर में पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आयुक्त ने सभी वार्डों के सुपरवाइजरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी की जांच करें और कहीं भी पानी गंदा, मटमैला या संदिग्ध दिखाई दे तो तत्काल संबंधित उपयंत्री को सूचना दें।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों से गंदे पानी की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत सैंपल लेकर जांच कराई जाए। इसके साथ ही जल वितरण के समय भी प्रत्येक वार्ड में सुपरवाइजरों द्वारा पानी के नमूने लिए जाएंगे और उनकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाएगी।
पानी की गुणवत्ता को लेकर लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में आयुक्त ने सहायक यंत्री सौरभ त्रिपाठी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है कि वे निरंतर विभिन्न क्षेत्रों से पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें।
नगर निगम की टीमों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिदिन वार्ड स्तर पर जल वितरण के दौरान मौके पर ही पानी की जांच की जाए और शुद्ध जल आपूर्ति की पुष्टि के बाद ही वितरण किया जाए। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।




