बावड़ीखेड़ा क्षेत्र के किसान जंगली जानवरों से परेशान

– मक्का की फसल पर संकट
देवास। बावड़ीखेड़ा क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार की खेती चिंता का विषय बन गई है। खेतों में खड़ी मक्का की फसल को जंगली जानवर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। विशेष रूप से जंगली सूअर झुंड बनाकर खेतों में घुस आते हैं और फसल को रौंदकर नष्ट कर देते हैं। कई जगह वे मक्का के पौधों को खाकर भी खेतों को उजाड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कक्ष क्रमांक 703 बावड़ीखेड़ा के जंगल से आएदिन जंगली सूअर खेतों की ओर निकल आते हैं। रात के समय उनका आतंक और बढ़ जाता है। किसान पहरा लगाकर भी पूरी तरह से फसल को बचा नहीं पा रहे हैं। कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर चुका है।
किसान मोहन पटेल, जगदीश निम्मा, भावसिंह, सुरेश खेरिया, महेश हरमल, नानूराम हरमल, अर्जुन मकवाना आदि ने बताया, कि इस बार उन्होंने मक्का बोई थी, लेकिन जंगली सूअरों ने आधे से ज्यादा खेत को रौंद डाला। वहीं अन्य किसानों बजे सिंह हरमल हरि रावत ने कहा, कि दिन-रात की मेहनत और महंगे बीज-खाद की लागत अब बर्बादी की कगार पर है।
ग्रामीणों ने बताया, कि वन विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में किसान पूरी तरह से नुकसान की चपेट में आ जाएंगे।
किसानों की मांग है कि प्रशासन और वन विभाग जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा करें। इस संबंध में बागली रेंजर गजानन बिरला का कहना है, किसानों की जमीन जंगल से लगी हैं। वन्य प्राणी नुकसान भी कर रहे हैं, पर यह काम रेवेन्यू विभाग का है। पटवारी मौका मुआयना कर पंचनामा बनाए। हम उस पर नुकसानी की साइन करने को तैयार है, लेकिन हम पंचनामा नहीं बना सकते हैं।




