शिक्षा

बच्चों को टेक्नालॉजी की जानकारी होने पर ही उनका मन-मस्तिष्क जिज्ञासु होगा- मितेश राठी

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कन्नौद। बच्चों को संस्कारी तो बनाना ही है, वही आने वाली टेक्नालॉजी की जानकारी बच्चों को होना चाहिए। समय के साथ आने वाली विभिन्न प्रकार की चुनौतियों के लिए बच्चों को तैयार करना हमारी शिक्षा व स्कूली शिक्षा का मुख्य उद्​देश्य होना चाहिए। हमें बच्चों को हर परीक्षा मे अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण करने की सीख के साथ उसे हर कक्षा के सिलेबस को आत्मसात कराते हुए उसे रोजमर्रा के जीवन मे लागू कराना भी सीखना है।

द संस्कृति स्कूल भोपाल के डायरेक्टर मितेश राठी (आईआईटी-जेईई एवं ओलंपियाड विशेषज्ञ) ने श्रीनिवास विद्या विहार कन्नौद में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उक्त बात कही। श्री राठी ने कहा, कि बच्चों के सर्वागीण विकास के साथ उनका भविष्य तैयार करना ही स्कूली शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए। बच्चों को जिज्ञासु बनाने के लिए संस्था कम्प्यूटर लैब, गणित लैब, स्किल लैब, गतिविधि कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी। जब सुविधाएं होंगी तो निश्चित ही बच्चों में शिक्षा पर रूचि बनेगी, जिससे ही बच्चों का भविष्य तैयार होगा। प्रांरभ में श्रीनिवास विद्या विहार के चेयरमैन विष्णुकुमार धूत व सुशीला धूत ने श्री राठी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत भाषण के साथ श्री राठी का परिचय संस्था के गिरीश धूत ने कराया। संस्था की जानकारी प्राचार्य प्रीति मारवाह ने दी। आभार प्रवीण धूत ने माना।

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