स्वयं सेवक के जीवन में संस्कार और अनुशासन होना बहुत जरूरी है- समन्वयक डॉ. शेखर मेदमवार

देवास। श्री नारायण विद्या मंदिर शासकीय उमावि क्रमांक 1 के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के अधिकारी मिर्जा मुशाहिद बैग ने बताया कि 4 फरवरी से 10 फरवरी तक ग्राम बालोदा में विद्यालय के स्वयंसेवकों (विद्यार्थियों) द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया है।
शिविर का अवलोकन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो. डॉ. शेखर मेदमवार ने ग्राम बालोदा के प्राथमिक विद्यालय में आकर स्वयं सेवकों के शिविर में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा उनके कार्यों से संतुष्ट पाए गए। इस शिविर में भाग लेने वाले सभी स्वयं सेवकों से रूबरू हुए। शिविर में ग्राम पंचायत बालौदा के सरपंच पवन चौधरी की उपस्थित थे तथा चौधरी ने भी छात्रों के कार्यों की प्रशंसा की। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य श्रीकृष्ण कुमार मिश्रा एवं बालोदा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक संतोष बारोलिया ने किया। प्राचार्य श्री मिश्रा ने शिविर संबंधी जानकारी दी एवं बताया कि विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा ग्राम बालौदा में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए पूरे गांव की साफ-सफाई की गई एवं जन जागरूकता के लिए एक रैली भी निकाली गई थी, जिसमें सभी ग्रामवासियों को उन्होंने रैली के माध्यम से संदेश दिया कि अपने गांव को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखना है।

विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रोफेसर डॉ. मेदमवार ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं शिविर में आकर और आप लोगों को इतनी संख्या में देखकर मैं अभिभूत हूं।स्वयं सेवक के जीवन में संस्कार और अनुशासन का होना बहुत जरूरी है तभी स्वयंसेवक आगे चलकर राष्ट्र के नैतिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकता है और आगे चलकर एक अच्छा नागरिक बन सकता है। यह तभी संभव है जब स्वयं सेवक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यों का सभी तरह क्रियान्वयन करेगा। कार्यक्रम का संचालन मिर्ज़ा मुशाहिद बैग ने किया एवं आभार संतोष बारोलिया ने माना। इस अवसर पर ग्राम बालौदा के ग्रामवासी भी उपस्थित रहे।





