खेत-खलियान
भगवान बलराम जयंती पर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजन

पारंपरिक खेती में समय के साथ सुधार जरूरी- युवा कृषक धर्मेंद्रसिंह राजपूत
देवास। भगवान बलराम जयंती पर देवास स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के कृषक भाइयों सहित कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि उपसंचालक गोपेश पाठक थे। मंचासीन अतिथियों में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक केएस भार्गव, डॉ. महेंद्रसिंह, निरिजा पटेल, कृषि विभाग सहायक संचालक लोकेश गंगराड़े, आत्मा परियोजना के एमएल सोलंकी, अंतिम वासुरे तथा विकासखंड अधिकारी राहुल जायसवाल शामिल रहे।
आयोजन में मध्यप्रदेश शासन से सम्मानित युवा कृषक धर्मेंद्रसिंह राजपूत का कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से सम्मान किया गया। वे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्रगतिशील खेती के लिए पहचाने जाते हैं। अपने उद्बोधन में धर्मेंद्रसिंह राजपूत ने कहा, कि कृषि सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। खेती को लाभकारी बनाने के लिए हमें नई तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना होगा। पारंपरिक खेती हमारी जड़ों से जुड़ी है, लेकिन समय के साथ उसमें सुधार और नवाचार जरूरी है। आज सरकार किसानों को हर स्तर पर सहयोग कर रही है, हमें उसका लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, कि फसल विविधिकरण जैसी तकनीकें अपनाई हैं, जिनसे उत्पादन और लाभ दोनों में वृद्धि हुई है। अगर किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगवान बलराम को कृषि और शक्ति का प्रतीक बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।




