खेत-खलियान

देवास मंडी में अस्थायी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू

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– वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जागी

देवास। शहर की कृषि उपज मंडी में वर्षों से फैले अस्थायी अतिक्रमण पर अब मंडी प्रशासन ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। लंबे समय से मंडी परिसर में होटल, ठेले, दुकानें और व्यापारियों का माल प्लेटफॉर्म पर रखने जैसी अनियमितताएं चल रही थीं, जिन्हें लेकर कई बार शिकायतें भी हुईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। मगर अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं।

नवागत मंडी सचिव आरके जैन के कार्यभार संभालते ही मंडी प्रशासन में एक नई सक्रियता देखी जा रही है। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के साथ ही मंडी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। मंडी बोर्ड के स्पष्ट निर्देशों के पालन में, सचिव जैन ने मंडी के तीनों प्रांगणों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए हैं।

प्रांगण क्रमांक 2 में कार्रवाई की शुरुआत-
इस सख्त मुहिम की शुरुआत मंडी के प्रांगण क्रमांक 2 से की गई है। यहां वर्षों से संचालित हो रहे अस्थायी होटल और अन्य अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है। प्रांगण प्रभारी महेंद्र कुमार मांडोरिया के नेतृत्व में मंडी प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रारंभ किया।

मंडी प्रशासन ने व्यापारियों को भी सख्त हिदायत दी है, कि वे प्लेटफॉर्म व परिसर में रखा हुआ अपना माल तुरंत हटा लें, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न न हो और खरीदी-बिक्री का कार्य सुव्यवस्थित ढंग से चल सके।

गेट क्षेत्र भी अतिक्रमणमुक्त-
मंडी के मुख्य गेट के समीप वर्षों से जमी अनाज की दुकान ने भी मंडी की छवि को प्रभावित कर रखा था। अब इस पर भी लगाम कस दी गई है। संबंधित दुकानदार को गेट व उसके पास माल नहीं रखने की सख्त हिदायत दी गई है। मंडी प्रशासन के निर्देश के बाद दुकानदार ने गेट से अपना माल हटा लिया है, जिससे गेट क्षेत्र खुला और व्यवस्थित नजर आने लगा है।

लंबे समय से लंबित था मुद्दा-
गौरतलब है, कि देवास कृषि उपज मंडी में अतिक्रमण एक लंबे समय से चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ था। कई बार व्यापारियों, किसानों और खरीदारों ने भी इस अव्यवस्था को लेकर आवाज उठाई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था।

सख्त रवैये की मिल रही सराहना-
इस बार मंडी सचिव द्वारा अपनाए गए सख्त रवैये की सराहना की जा रही है। यदि इसी तरह नियमित निगरानी और कार्रवाई होती रही तो मंडी फिर सुव्यवस्थित बन सकती है।

देवास कृषि उपज मंडी में वर्षों से लटकी अतिक्रमण की समस्या अब मंडी प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति से हल होती दिख रही है। यदि यह मुहिम इसी गति से चलती रही, तो आने वाले दिनों में मंडी की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

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