भागवत कथा में हुआ श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह

भक्तिरस से सराबोर हुआ जामली ग्राम, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सोनकच्छ (विजेंद्रसिंह ठाकुर)। समीपस्थ ग्राम जामली में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। श्रीरामजी की पावन धरा पर भागवत कथा महोत्सव का आयोजन बड़े ही श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ जारी है। कथा का वाचन गुरुकुल श्रीधाम वृंदावन के पूज्य प्रेमानंद महाराज के श्रीमुख से हो रहा है।
भागवत कथा का आयोजन आचार्य नेमीचंद शर्मा सेठ गुराडिया के सानिध्य में हो रहा है। बुधवार की कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया गया। इस अवसर पर संपूर्ण वातावरण “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
भजन-कीर्तन और नृत्य से झूमे श्रद्धालु-
ज्यों ही विवाह प्रसंग की कथा आरंभ हुई, भक्तों में उल्लास की लहर दौड़ गई। श्रद्धालु झूमते-नाचते हुए भक्ति रस में सराबोर हो उठे। पंडाल का वातावरण भजनों, कीर्तन और शंखनाद से दिव्य और अलौकिक बन गया।
कल कथा का विश्राम दिवस-
आयोजन की जानकारी मीडिया प्रभारी जयपाल सिंह रलायती ने दी। उन्होंने बताया, कि गुरुवार को कथा का विश्राम दिवस रहेगा।




