गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर सामूहिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति

देवास। गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजयनगर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 19 से 27 मार्च तक चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर सामूहिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि 27 मार्च रामनवमी को प्रात: 9 बजे से वेदमाता गायत्री, गुरूदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी, वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा एवं देवआव्हान व देवपूजन कर पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत हुई जिसमें दीक्षा, अन्नप्रासन, यज्ञोपवित सहित विभिन्न संस्कार हुए। प्रात: 11.30 बजे अनुष्ठान व गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई पश्चात भगवान श्रीरामजी का जन्मोत्सव मनाकर महाप्रसाद का वितरण किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ परिजन सुभाष जैन ने भगवान श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए मातृ जन्म शताब्दी के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर भारतसिंह बनाफर, कांतिलाल पटेल, शिवनारायण सोलंकी, कैलाशसिंह ठाकुर, विक्रमसिंह राजपूत, गणेशचन्द्र व्यास, देवकरण कुमावत, मुनीश नामदेव, महेन्द्र राठौर सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन उपस्थित थे। उपस्थित परिजनों ने महाप्रसाद का लाभ लिया। महायज्ञ का संचालन गायत्री शक्तिपीठ की देवकन्याओं ने किया एवं संस्कारों का संंचालन रामनिवास कुशवाह ने किया तथा अन्त में आभार जिला समन्वयक बी. एल. खंडेलवाल ने माना।

इसी प्रकार गायत्री प्रज्ञापीठ विजयनगर का 19वाँ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं सामूहिक अनुष्ठानों की पूर्णाहूति संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में 27 मार्च रामनवमी को सम्पन्न हुई जिसमें प्रात: 8.30 बजे से पंचकुंडीय महायज्ञ के साथ दीक्षा, पुंसवन सहित विभिन्न संस्कार हुए। महायज्ञ पूर्णाहुति के पश्चात भगवान श्रीरामचंद्रजी का जन्मोत्सव मनाया गया। पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया। कर्मकाण्ड का संचालन महेश आचार्य, ज्ञानदेव बोडखे व प्रखर पोरवाल ने किया। उपस्थित सभी परिजनों ने एक-दूसरे को रामनवमी की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में ब्रजमोहन विजयवर्गीय, विजेन्द्रसिंह बैस, शेषनारायण परमार, अयोध्या दुबे, आरसी पालीवाल, स्नेहलता पोरवाल, सुशीला परमार, वन्दना पाटीदार, राधा राठौर, सुभाष धोते, अरुणेंद्र सोनी, प्रदीप दुबे, सीमा चौहान, अनीता झाला, मंजुला सोनी, अनीता पांचाल, सीमा चौधरी, उमा यादव, चंचल यादव का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महायज्ञ व प्रसादी का लाभ लिया। आभार गायत्री प्रज्ञापीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजेंद्र पोरवाल ने माना।




