नरवाई जलाने पर सख्त एक्शन: देवास में तीन लोगों पर प्रकरण

– औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने दिग्गी राजा नगर के पास की कार्रवाई
देवास। खेतों में नरवाई जलाने की लापरवाही अब महंगी पड़ने लगी है। जिला प्रशासन के सख्त आदेशों के बावजूद फसल अवशेष में आग लगाने वाले तीन किसानों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। यह कार्रवाई न केवल कानून के उल्लंघन पर सख्ती को दर्शाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन की गंभीरता का भी स्पष्ट संकेत देती है।
थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस को 27 मार्च को शाम करीब 4:20 बजे दिग्गीराजा नगर के पास खेत में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि गेहूं की कटाई के बाद बचे डंठलों में बिना किसी सुरक्षा उपाय के आग लगाई गई थी। आग से उठ रही चिंगारियों के कारण आसपास के खेतों और संपत्तियों में बड़ी आग लगने का खतरा उत्पन्न हो गया था, वहीं घने धुएं से पर्यावरण प्रदूषण भी फैल रहा था। जांच में सामने आया कि विजय सिंह, विक्रम और संतोष (सभी निवासी ग्राम लोहार पिपलिया) ने यह आग लगाई थी।
ज्ञात हो कि जिला दंडाधिकारी द्वारा पूर्व में ही आदेश जारी कर नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में जिले में लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि किसान नरवाई न जलाएं और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
पुलिस की अपील-
पुलिस प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं। यह न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि इससे आगजनी और प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता है।
सराहनीय भूमिका-
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया, उप निरीक्षक प्रवीण राठौर एवं प्रधान आरक्षक शम्भु सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





