धर्म-अध्यात्म

मानव उत्थान के लिए ईश्वर अवतार लेते हैं- स्वामीजी

- रामद्वारा में भजन-कीर्तन के साथ मनाई रामनवमी

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देवास। मानव उत्थान हेतु ईश्वर अवतार लेते हैं। यह विचार रामद्वारा में महंत स्वामी राम नारायणजी रामस्नेही ने रामनवमी पर प्रकट किए।

उन्होंने कहा कि भगवान राम के उपदेश मर्यादा, धर्म, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं। वे सत्य, पिता की आज्ञा का पालन, करुणा, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा का आदर्श प्रस्तुत करते हैं। उनके उपदेशों का सार ‘रामराज्य’ की स्थापना है, जहां न्याय, समानता और हर व्यक्ति के लिए सम्मान सर्वोच्च है।
रामद्वारा में रामनवमी पर्व उल्लास पूर्वक मनाया गया।

प्रातःकाल संत राम सुमिरनजी और बाल संत पुनीत रामजी ने श्री राम चरित मानस और स्वामी रामचरण जी महाराज की अनुभव वाणी का पाठ किया। राम स्नेही सत्संग मंडल ने सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। दोपहर 12 बजे भगवान श्री राम की आरती की गई। सभी भक्तों को डॉ. सीमा सोनी द्वारा राम नाम लेखन पुस्तिका वितरित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।

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