विद्युत वितरण कंपनी का कार्यपालन यंत्री 25,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रैप

भौरासा (मनोज शुक्ला)। भ्रष्टाचार के खिलाफ उज्जैन लोकायुक्त ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनकच्छ पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री आनंद अहिरवार को 25,000 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। अफसर ने फरियादी से बोलेरो गाड़ी को विभाग में पुनः अटैच करने और फर्जी भाव बढ़ाने के नाम पर 70,000 हजार की मांग की थी, जिसे बाद में 50,000 हजार में तय किया गया।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल-
उज्जैन लोकायुक्त इंस्पेक्टर राजेंद्र वर्मा के अनुसार फरियादी पुष्पराजसिंह राजपूत ने इस पूरे मामले की शिकायत शनिवार को उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई थी। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की गहनता से जांच की, जो सौ फीसदी सही पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी रणनीति बनाकर कार्यपालन यंत्री को ट्रैप करने का फैसला किया।
बुधवार को जैसे ही आनंद अहिरवार ने अपने ऑफिस से बाहर आकर चलती गाड़ी में फरियादी से 25,000 रुपए लिए और आगे बढ़े, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। भौरासा टोल टैक्स पर लोकायुक्त और पुलिस ने मिलकर आरोपी को पकड़ने का जाल बिछाया।
लोकायुक्त टीम के दबाव में आते ही अहिरवार ने अपनी गाड़ी रोक दी, लेकिन पकड़े जाने के डर से वह गाड़ी से उतरकर भागने लगा। लोकायुक्त अधिकारियों और पुलिस की मुस्तैदी ने यह साजिश नाकाम कर दी। जैसे ही उसे पकड़ा गया, उसने टीम से धक्का-मुक्की कर खुद को छुड़ाने की नाकाम कोशिश की।
गाड़ी से रिश्वत की रकम बरामद-
जब लोकायुक्त टीम ने अहिरवार की गाड़ी की तलाशी ली, तो अंदर से रिश्वत के 25,000 रुपए बरामद हुए। इसके बाद रुपयों पर लगे केमिकल का परीक्षण कराया गया, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह वही रिश्वत की रकम थी, जो फरियादी ने दी थी।
लोकायुक्त की टीम ने दिखाया दमखम-
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में डीएसपी दिनेश पटेल, निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, आरक्षक इसरार, हितेश लालावत, कुनाल पुरोहित, संदीप कदम और श्याम शर्मा की टीम ने अहम भूमिका निभाई। लोकायुक्त की इस सख्त कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।




