मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

हाटपिपल्या (विनोद जाट)। भारतीय किसान संघ के मालवा प्रांत की 112 तहसीलों में किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपे।
हाटपिपलिया तहसील में भी भारतीय किसान संघ की इकाई ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि वह विकास का विरोधी नहीं है, लेकिन खेती-किसानी को विनाश की ओर ले जाने वाले किसी भी विकास मॉडल का समर्थन नहीं करेगा।
संघ ने इंदौर में आउटर रिंग रोड के लिए बिना किसानों की सहमति के किए जा रहे जॉइंट सर्वे को तुरंत रोकने की मांग की। अनियंत्रित भूमि अधिग्रहण पर रोक की मांग भी की। किसानों की सहमति के बिना हो रहे भूमि अधिग्रहण को तत्काल रोका जाए। पिछले 12 वर्षों से गाइडलाइन नहीं बढ़ाई गई है। इसे प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत वृद्धि के हिसाब से संशोधित किया जाए और नई गाइडलाइन के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए।
विकास प्राधिकरण अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुके हैं और अब भू-माफिया की तरह कार्य कर रहे हैं, इन्हें भंग किया जाए। भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी प्रकरणों में पारित निर्णयों की प्रतियां किसानों को प्रदान की जाएं। जितनी भूमि अधिग्रहित हो, उतनी ही भूमि किसानों को दी जाए। किसानों को उनके पटवारी हल्के में भूमि प्रदान की जाए।
2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाए
उग्र आंदोलन की चेतावनी-
भारतीय किसान संघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो मालवा प्रांत की प्रत्येक तहसील में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन का वाचन प्रेम कारपेंटर ने किया। तहसील अध्यक्ष राम नारायण यादव, तहसील उपाध्यक्ष महेश पाटीदार, राम पाटीदार, राजेंद्रसिंह सेंधव, उमेश पाटीदार, राजपाल सिंह, दिलीप मंडलोई, गणेश नायक सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




