रंग-गुलाल और मांदल की थाप के बीच उदयनगर में सजा भगोरिया हाट

उदयनगर (बाबू हनवाल)। आदिवासी परंपरा और उत्साह का अनोखा दृश्य उदयनगर में देखने को मिला, जहां जिले का सबसे बड़ा भगोरिया हाट हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित हुआ।
मांदल की गूंजती थाप, रंग-गुलाल से सजे चेहरे और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते युवक-युवतियों ने पूरे नगर को उत्सव के रंग में रंग दिया। आसपास के कई जिलों से पहुंचे लोगों ने मेले की रौनक को और बढ़ाया।
अवैध शराब पर रोक, ठेका दुकान पर उमड़ी भीड़-
भगोरिया हाट से पूर्व आसपास के जनप्रतिनिधियों ने लिखित आवेदन देकर अवैध शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। प्रशासन द्वारा अवैध बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद शराब ठेके की दुकान पर भीड़ अधिक देखी गई। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति नियंत्रण में रही।

25 वर्षों से आ रहा बोथरा परिवार-
खरगोन, बड़वाह, इंदौर और देवास सहित आसपास के अनेक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण भगोरिया देखने पहुंचे। बोथरा परिवार पिछले 25 वर्षों से नियमित रूप से इस पर्व में शामिल होता आ रहा है। इस वर्ष भी परिवार के सदस्य विदेश से विशेष रूप से फ्लाइट लेकर भगोरिया उत्सव में शामिल होने पहुंचे, जो इस मेले के प्रति लोगों की आस्था और आकर्षण को दर्शाता है। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष शारदा विनय बोथरा भी परिवार सहित भगोरिया पर्व में शामिल हुईं।

मांदल की थाप पर थिरका जनसमूह-
उदयनगर स्कूल ग्राउंड में मांदल की टोलियों के साथ पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां नृत्य करते नजर आए। युवा एक-दूसरे को गुलाल लगाकर हंसी-खुशी पर्व का आनंद लेते दिखे। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ ने पूरे मैदान को रंगों और उल्लास से सराबोर कर दिया।

जमकर हुई मिठाइयों और खिलौनों की बिक्री-
मेले में चश्मे, पान, कुल्फी, जलेबी और भजिया की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। व्यापारियों के अनुसार क्विंटल के हिसाब से जलेबी और भजिया की बिक्री हुई। नन्हे बच्चों के खिलौनों की भी खूब बिक्री हुई। झूले, सर्कस और ‘मौत का कुआं’ जैसे आकर्षणों पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई। व्यापारियों ने बताया कि इस प्रकार का भव्य भगोरिया हाट उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।

यातायात प्रभावित, पुलिस बल रहा तैनात-
उदयनगर के चारों ओर दिनभर भीड़ का आलम रहा। इंदौर मार्ग, बड़वाह मार्ग और पुंजापुरा मार्ग पर यातायात को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सुरक्षा की दृष्टि से तीनों प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सकी।




