धर्म-अध्यात्म

गायत्री साधक को मातृ जन्म शताब्दी वर्ष में प्रतिदिन 4 घंटे समयदान देना जरूरी- महेश केवट

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जिला स्तरीय शताब्दी संकल्प अनुयाज कार्यशाला गायत्री शक्तिपीठ पर संपन्न हुई, जिले की सभी तहसीलों के कार्यकर्ता हुए शामिल

देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में देशभर में शताब्दी अनुयाज संकल्प कार्य शालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर देवास पर भी इंदौर उपजोन प्रभारी महेश केवट के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय शताब्दी संकल्प कार्यशाला संपन्न हुई। इसका एक ही उद्देश्य कार्यकर्ताओं में संकल्प शक्ति का जागरण करना है।

गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया, कि अति विशिष्ट जिला स्तरीय शताब्दी संकल्प अनुयाज कार्यशाला में इंदौर उपजोन प्रभारी महेश केवट, बाबूलाल खंडेलवाल, प्रमोद निहाले, देवीशंकर तिवारी, हरिराम जिराती, रमेशचन्द्र मोदी ने संबोधित किया।

कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं श्रीवेदमाता गायत्री व गुरु वंदना के साथ हुई। इसमें गायत्री शक्तिपीठ की देवकन्याओं ने मधुर प्रज्ञा गीतों से समां बांध दिया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर उपजोन प्रभारी महेश केवट ने संगठन पर जोर देते हुए कहा, कि गायत्री साधक को मातृ जन्म शताब्दी वर्ष में प्रतिदिन कम से कम 4 घंटे समयदान देना जरूरी है। साथ ही हमारा प्रत्येक कार्यकर्ता किसी न किसी मंडल से जुड़ा होना अति आवश्यक है। मंडलों का विस्तार करना हम सभी परिजनों का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। कार्यशाला में बाबूलाल खंडेलवाल ने कैसे हो हमारे कार्यकर्ता और उनका स्व अनुशासन एवं संस्थान रिकॉर्ड रिपोर्टिंग विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। शताब्दी अनुयाज कार्यशाला में युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने नशाबंदी एवं कुरीति उन्मूलन आंदोलन पर विस्तार से समझाया।

आयोजन में गायत्री परिवार के देवीशंकर तिवारी, रमेशचंद्र मोदी, हरिराम जिराती ने भी प्रकाश डाला और कार्यकर्ताओं को संकल्पित किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सहयोग करने वाले शिक्षकों व शिक्षिकाओं का सम्मान भी किया गया। अति विशिष्ट कार्यशाला में जिले की संपूर्ण तहसीलों से कार्यकर्ताओं के रूप में राजेंद्र पोरवाल, रमेशचंद्र मेहता, कपिलेश वाडेकर, सतीश तिवारी, राधेश्याम सोलंकी, पुष्करलाल गुप्ता, श्यामा तोमर, संध्या शिवहरे, हरिप्रसाद पांडे, राजेंद्र शर्मा, डॉ. राजेंद्र व्यास, उमेश दुबे, डॉ. जीवनसिंह पटेल, कांतिलाल मंडलोई, शेषनारायण परमार, दिलीप सोलंकी, डॉ. रूपसिंह नागर, कन्हैयालाल मोहरी, रामनिवास कुशवाह, महेश चौधरी, चंद्रिका शर्मा, सुरेश बालपांडे, हजारीलाल चौहान, सालगराम सकलेचा, मंजू पटेल, गणेशचंद्र व्यास सहित जिले के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। संचालन लेखा चौहान ने किया एवं आभार सतीश शर्मा ने माना।

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