शिक्षा

स्कूल शिफ्ट हुआ, लेकिन नहीं टूटी परंपरा; बेहरी में ग्रामीणों ने प्रभातफेरी निकाल मनाया स्वतंत्रता दिवस

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बेहरी। गांव का शासकीय माध्यमिक विद्यालय भले ही बागली शिफ्ट हो गया हो, लेकिन इससे ग्रामीणों का राष्ट्रीय पर्व मनाने का उत्साह और वर्षों पुरानी परंपरा नहीं बदली।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बेहरी में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रभातफेरी निकाली और गांव में देशभक्ति का संदेश दिया। इसके बाद स्कूल परिसर में सरपंच हुकम सिंह बछानिया ने ध्वजारोहण किया।

इस दौरान गांव के विकास और सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 11 वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया। हिंदू संगठन के प्रदेश महामंत्री केदार पाटीदार ने वरिष्ठजनों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान मिलने पर वरिष्ठजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों की इस पहल की सराहना की।

स्कूल बदला, पर गांव की परंपरा नहीं-
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी संस्था या स्थान का बदलना केवल व्यवस्था में परिवर्तन हो सकता है, लेकिन गांव की परंपराएं और राष्ट्रीय पर्वों के प्रति लोगों की भावना इससे समाप्त नहीं होती। बेहरी के ग्रामीणों ने यह साबित किया कि स्कूल के बागली स्थानांतरित होने के बावजूद स्वतंत्रता दिवस की परंपरा को जारी रखकर आने वाली पीढ़ी को भी देशभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया जा सकता है।

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केदार पाटीदार ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं हैं। ऐसे अवसर हमें अपनी जड़ों, गांव और उन लोगों को याद करने का मौका देते हैं, जिन्होंने वर्षों तक समाज और गांव के विकास में योगदान दिया। वरिष्ठजनों का सम्मान वास्तव में उनके अनुभव, संघर्ष और सेवाभाव का सम्मान है। उन्होंने कहा कि बेहरी के ग्रामीणों ने स्कूल शिफ्ट होने के बाद भी प्रभातफेरी और ध्वजारोहण की परंपरा को कायम रखकर नई पीढ़ी के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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वरिष्ठ पत्रकार हीरालाल गोस्वामी ने कहा कि गांव की पहचान केवल उसके भवनों या संस्थाओं से नहीं, बल्कि उसकी परंपराओं और सामूहिक भावना से होती है। स्कूल का स्थान बदल गया, लेकिन ग्रामीणों ने स्वतंत्रता दिवस की परंपरा को जीवित रखकर यह संदेश दिया है कि राष्ट्रीय पर्व किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज का उत्सव है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर देता है कि गांव के विकास के पीछे किन लोगों का योगदान रहा है।

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वरिष्ठजनों ने की पहल की सराहना-
सम्मानित वरिष्ठजनों ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में पुरानी परंपराओं को जीवित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर गांव में प्रभातफेरी और ध्वजारोहण जैसे आयोजन बच्चों और युवाओं में देशभक्ति की भावना मजबूत करते हैं। वरिष्ठजनों ने ग्रामीणों से इस परंपरा को आगे भी जारी रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रभातफेरी के दौरान गांव की गलियों में देशभक्ति के नारों और राष्ट्रप्रेम की भावना ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।

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