उज्जैन

विक्रम विश्वविद्यालय में व्याख्यान, सिंहस्थ-2028 के लिए डिजिटल प्रबंधन और वैश्विक शोध सहयोग पर जोर

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वैश्विक शोध सहयोग से सशक्त होंगे भारतीय विश्वविद्यालय: कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज

उज्जैन। सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण एवं तकनीकी नवाचारों एवं ट्रांसफॉर्मेशन एनईपी 2020” विषय पर आयोजित त्रिस्तरीय परिसंवाद व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत ऐडहैक बिजनेस स्कूल, पेरिस (फ्रांस) के प्रबंधगुरु, फोरसाइट इनोवेशन ट्रांसफॉर्मेशन चेयर मेंबर तथा पं. जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान के प्रतिभाशाली शोधार्थी एवं आईआईएम मुंबई (पूर्ववर्ती नीटी) के पूर्व संकाय प्रो. डॉ. सचिन कांबले ने अत्यंत रोचक एवं शोधपरक व्याख्यान प्रस्तुत किया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज ने वैश्विक अनुसंधान सहयोग के साथ भारतीय विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय अनुसंधान एवं नवाचार के लिए वैश्विक संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी हेतु प्रेरित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के नए अकादमिक कार्यक्रमों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप फोरसाइट, इनोवेशन एवं ट्रांसफॉर्मेशन की व्यापकता और प्रासंगिकता को सम्मिलित किया गया है। साथ ही उन्होंने प्रो. सचिन कांबले के बिजनेस स्कूल से सक्रिय सहभागिता की अपेक्षाएं भी व्यक्त कीं।

प्रो. डॉ. सचिन कांबले ने अपने सारगर्भित रोचक व्याख्यान में तकनीकी नवाचारों, डिजिटल क्राउड ट्रैफिक मैनेजमेंट, व्यवस्था प्रबंधन, सुगम स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा एवं यातायात-परिवहन व्यवस्था तथा दुर्घटना रहित सिंहस्थ-2028 के विशेष संदर्भ में तथ्यात्मक एवं आंकड़ों पर आधारित शोधपरक प्रस्तुति दी।

उन्होंने विश्व के वृहद धार्मिक समागमों के सफल आयोजनों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को डेस्क रिसर्च और प्रैक्टिकल रिसर्च के मध्य समन्वय स्थापित करना चाहिए। उनके व्याख्यान ने उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

शोधार्थियों के लिए प्रेरणा बने प्रो. कांबले-
परिसंवाद श्रृंखला के प्रथम चरण में प्रो. डॉ. सचिन कांबले का स्वागत एवं अभिनंदन माननीय कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा, कार्यपरिषद सदस्य रूप पमनानी, राजेश कुशवाह, वरुण गुप्ता, प्रो. संजय वर्मा, डॉ. मंजूषा मिमरोट, डॉ. निजवाल, प्रो. एच.एल. अनिजवाल, प्रो. दीपक गुप्ता तथा प्रो. डॉ. उमा शर्मा की उपस्थिति में किया गया।

ऊर्जा-सेतु श्रृंखला के द्वितीय चरण में पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान में भी प्रो. कांबले का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रबंध अध्ययन मंडल अध्यक्ष प्रो. कामरान सुल्तान एवं संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता ने शाल, श्रीफल एवं सम्मान-पत्र भेंट कर उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर बैंकिंग उद्योग जगत से जुड़े अतिथि मोहनमुरली रेड्डी, वाइस प्रेसिडेंट, रत्नाकर बैंक लि. मुंबई का भी आत्मीय अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा सक्रिय सहभागिता के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि परिचय एवं परिसंवाद की प्रस्तावना प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता द्वारा प्रस्तुत की गई, जबकि प्रो. डॉ. कामरान सुल्तान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आभार प्रदर्शन विक्रम विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन की अध्यक्षा प्रो. डॉ. उमा शर्मा द्वारा किया गया।

उन्होंने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए उल्लेखनीय तथ्य साझा किया कि विक्रम विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय के एलुमनाई प्रो. डॉ. सचिन कांबले के 25,000 से अधिक गूगल साइटेशन्स हैं। वे ऐल्सवेअर तथा स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और जम्मू विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2004 में विक्रम विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय से स्वर्गीय प्रो. डॉ. रविंद्र जैन के निर्देशन में अपना गहन शोधकार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया था। यह उपलब्धि वर्तमान शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

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