आयुर्वेद के ज्ञान और आधुनिक उपयोगिता का दिखा संगम, अमलतास में मॉडल एग्जीबिशन
- 11वें आयुर्वेद दिवस पर विद्यार्थियों ने रचनात्मक मॉडलों के जरिए विरासत से भविष्य तक की आयुर्वेद यात्रा को किया प्रस्तुत

देवास। आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की समग्र दृष्टि है—इसी विचार को रचनात्मकता और वैज्ञानिक समझ के साथ विद्यार्थियों ने मॉडलों के माध्यम से जीवंत किया।
अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित मॉडल एग्जीबिशन में विद्यार्थियों ने आयुर्वेद की पारंपरिक अवधारणाओं को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए अपनी प्रतिभा और विषय की समझ का प्रभावी प्रदर्शन किया।
अमलतास ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया एवं चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन तथा ग्रुप डायरेक्टर डॉ. अभिजीत तायडे, महाप्रबंधक डॉ. मनीष शर्मा एवं प्राचार्या डॉ. अनिता घोडके के विशेष मार्गदर्शन में अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के क्रिया शरीर विभाग में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर “Ayurveda: Our Heritage, Our Health, Our Future” विषय पर आधारित मॉडल एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। एग्जीबिशन का मार्गदर्शन प्रो डॉ. सीपी शर्मा एवं असिस्टेंट प्रो डॉ. प्रतिभा तोमर ने किया।
प्रदर्शनी में निर्णायक की भूमिका डॉ. महानतेश हिरेमठ एवं डॉ. मीना सावते ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत समस्त मॉडलों का सूक्ष्मता से परीक्षण एवं मूल्यांकन कर विजेताओं के नामों की घोषणा की।
कार्यक्रम में संस्थान के सभी विभागों की फैकल्टीज की उपस्थिति रही, जिन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। विद्यार्थियों ने आयुर्वेद के सिद्धांतों एवं उनके आधुनिक महत्व को दर्शाते हुए सुंदर एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अश्विन पंड्या ने सफल आयोजन के लिए अतिथियों, आयोजन समिति एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



