केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘दिशा’ की बैठक में कृषि आधुनिकीकरण और विकास योजनाओं की समीक्षा की
देवास में अगले 5 वर्षों में आधुनिक होगी खेती, खाद की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई - श्री चौहान

देवास में दोगुनी होगी ‘लखपति दीदियों’ की संख्या, आजीविका मिशन और आसान ऋण से संवरेगा भविष्य
देवास। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष देवास में आयोजित की गई।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने देवास जिले के सर्वांगीण विकास, आधुनिक खेती, जल संरक्षण और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में जिले में खेती के आधुनिकीकरण की दिशा में निर्णायक कार्य किया जाएगा। इसके तहत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का और अधिक विस्तार किया जाएगा। कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 100 और जिले भर से 500 से अधिक किसानों को चिन्हित कर विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही उन्नत मॉडल किसानों को अन्य समृद्ध कृषि क्षेत्रों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें फूड प्रोसेसिंग और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) की योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
बैठक के दौरान खाद वितरण की स्थिति संतोषजनक पाई गई और केंद्रीय मंत्री ने खाद की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
देवास जिले में महिला सशक्तीकरण की दिशा में ‘लखपति दीदी’ योजना की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश भर की लखपति दीदियों में देवास जिले की महिलाओं का उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने जिले में लखपति दीदियों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। स्व-सहायता समूहों के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से महिलाओं को आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने के लिए बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और बागवानी के माध्यम से महिलाओं के क्षमता संवर्धन के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
जिले में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए देवास शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में जल संचयन तथा संरक्षण का व्यापक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। नर्मदा विकास प्राधिकरण और जल निगम की लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए छीपानेर एवं मां रेवा लिफ्ट इरीगेशन योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। जल निगम के प्रबंध निदेशक को इन सभी परियोजनाओं की जांच कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा गया है।
सड़क एवं बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत देवास जिले में 39 मार्ग स्वीकृत हो चुके हैं और 32 अन्य मार्गों को जल्द स्वीकृति दिलाई जाएगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देश दिए गए कि पाइपलाइन कार्य के साथ-साथ सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य भी तुरंत पूरा किया जाए। रेलवे से संबंधित जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान तलाशने और निर्माणाधीन ओवरब्रिज तथा अंडरपास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत मजरे-टोलों में सफलतापूर्वक किए गए विद्युतीकरण कार्यों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की गई।
स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में देवास को शीघ्र अति शीघ्र टीबी (क्षय रोग) से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों एवं छूट गए पात्र नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। युवाओं को प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर लोन सहायता के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित कराने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इसके अतिरिक्त, पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को आसान ऋण दिलाकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर बल दिया गया।
बैठक में देवास विधायक गायत्री राजे पवार, खातेगांव विधायक आशीष शर्मा, बागली विधायक मुरली भंवरा, सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष लीला अटारिया, महापौर गीता अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, डीएफओ अमित सिंह, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




