अब OTP नहीं चलेगा! मूंग उपार्जन में फेस वेरिफिकेशन से होगा किसान सत्यापन

MSP पर मूंग बेचने का मौका, जानिए पंजीयन से लेकर भुगतान तक के नए नियम
मूंग फसल उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया 25 मई से
देवास। ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के इच्छुक किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है।
भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत 25 मई से 15 जून तक पंजीयन प्रक्रिया होगी। इस बार उपार्जन प्रक्रिया में फेस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है और किसानों को पंजीयन के समय आधार से लिंक बैंक खाता देना होगा।
उप संचालक कृषि गोपेश पाठक ने बताया कि वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) ग्रीष्मकालीन फसल मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए 15 जून तक पंजीयन किया जाएगा। किसानों को मूंग फसल बेचने के लिए स्लॉट चयन की प्रक्रिया पूर्व की भांति रहेगी एवं उपार्जन हेतु कृषकों से पंजीयन के समय ही आधार नंबर से लिंक बैंक खाता नंबर लिया जाएगा। मूंग का उपार्जन भारत सरकार द्वारा प्रदत्त लक्ष्य सीमा अनुसार कृषकों के उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत तक ही उपार्जन किया जाएगा।
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शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार इस वर्ष खरीदी केंद्रों द्वारा उपज खरीदने से पहले कृषक की वास्तविक पहचान के लिए आधार-सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल ऐप के माध्यम से चेहरे का प्रमाणीकरण कर वास्तविक किसान का सत्यापन किया जाएगा। विगत वर्षों की भांति ओटीपी मान्य नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि मूंग फसल उपार्जन के लिए यदि कृषक खरीदी केन्द्र पर स्वयं उपस्थित न हो पाए तो अपनी फसल के विक्रय के लिए पंजीयन के समय 3 अधिकृत व्यक्तियों का नाम और आधार नम्बर दे सकेगा। जिनके द्वारा पंजीकृत किसान की फसल खरीदी केन्द्र पर लाकर विक्रय किया जा सकेगा।
कृषक द्वारा अधिकृत व्यक्तियों का भी आधार-सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल ऐप के माध्यम से चेहरे का प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा तथा भुगतान पंजीकृत कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अधिकतम तीन कृषकों के अधिकृत व्यक्ति के रूप में काम कर सकता है।
वर्ष 2025-26 में मूंग फसल की औसत मण्डी दरें यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आएगी, तो राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार की पीएसएस स्किम अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन के संबंध में शासन द्वारा पृथक से निर्णय लिया जाएगा।
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