तेंदूपत्ता से चमकी 1600 परिवारों की किस्मत! 25 रुपए से 450 तक पहुंची मजदूरी

MP में शुरू हुआ तेंदूपत्ता संग्रहण, सरकार दे रही बीमा सुरक्षा
बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। मध्यप्रदेश में 15 मई से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू होते ही जंगलों में फिर से रौनक लौट आई है। देवास जिले के बागली क्षेत्र में हजारों मजदूर परिवार सुबह से जंगलों की ओर निकल रहे हैं। यह सिर्फ पत्ते तोड़ने का काम नहीं, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की सालभर की आर्थिक उम्मीदों का बड़ा सहारा है।
इस बार बागली तेंदूपत्ता प्रबंध समिति को 1630 मानक बोरे संग्रहण का लक्ष्य मिला है, जिसे क्षेत्र के करीब 1600 परिवार और 7000 संग्रहणकर्ता मिलकर पूरा करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता सीजन उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता। गर्मी के दिनों में मिलने वाली यह मजदूरी खरीफ फसल की तैयारी, बीज-खाद खरीदने और घर की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद करती है। यही कारण है कि हर साल हजारों परिवार इस काम से जुड़ते हैं।
बागली समिति प्रबंधक संतोष परमार ने बताया कि इस वर्ष जंगलों में अच्छी गुणवत्ता के पत्ते मिल रहे हैं। क्षेत्र में बनाए गए 16 फड़ों के माध्यम से संग्रहण कार्य चल रहा है और उम्मीद है कि 4 से 5 दिनों में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
वनपाल दिनेश बनेडिया ने बताया कि संग्रहण के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 50 पत्तों की गड्डी बनाते समय कटे-फटे और बीमारी वाले पत्तों को अलग किया जा रहा है ताकि बेहतर गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रहित हो सके।
25 रुपए से शुरू हुई मजदूरी अब पहुंची 450 रुपए तक
तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े बुजुर्ग संग्राहक भंवरसिंह राठौड़, शांतिलाल कर्मा और सरदार भाई राठौड़ बताते हैं कि वर्ष 1990 में उन्हें एक सैकड़ा गड्डी पर सिर्फ 25 रुपए मजदूरी मिलती थी। आज यही मजदूरी बढ़कर 450 रुपए तक पहुंच गई है। मजदूरों के अनुसार यह बढ़ोतरी गरीब और वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने बताया कि 50 पत्तों की एक गड्डी बनाई जाती है और ऐसी 100 गड्डियों पर करीब 400 से 450 रुपए तक मजदूरी मिल जाती है।
तेंदूपत्ता सीजन से जंगलों में बढ़ी रौनक, हजारों श्रमिक सुबह से जुट रहे संग्रहण कार्य में
तेंदूपत्ता मजदूरों का होता है सामूहिक बीमा-
तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे परिवारों को शासन की ओर से बीमा सुरक्षा भी दी जाती है। बागली रेंजर तेंदूपत्ता संग्रह (फलक) गजानंद बिडला ने बताया कि संग्रहण कार्य में लगे परिवार के मुखिया का सामूहिक बीमा किया जाता है। दुर्घटना या जनहानि की स्थिति में परिवार के एक सदस्य को शासकीय सहायता प्रदान की जाती है।
28 लाख रुपए की मजदूरी बांटी गई थी
बागली विधायक मुरली भंवरा ने बताया कि शासन द्वारा वन विभाग के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण कराया जाता है और मजदूरी का भुगतान 10 से 12 दिनों के भीतर कर दिया जाता है। पिछले वर्ष बागली समिति के माध्यम से करीब 28 लाख रुपए मजदूरी के रूप में वितरित किए गए थे, जिसका लाभ 1600 परिवारों को मिला।
उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता से मिलने वाली राशि से ग्रामीण परिवार खरीफ फसल के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीदते हैं। साथ ही यह राशि बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित होती है।
लाखों परिवारों की जीवनरेखा बना तेंदूपत्ता
मध्यप्रदेश के वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण आज भी लाखों मजदूर परिवारों की आय का प्रमुख साधन बना हुआ है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में जंगलों से मिलने वाली यह कमाई ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा आधार बनती है।




