खेत-खलियान

सोयाबीन-मक्का छोड़ किसान ने शुरू की अमरूद और टमाटर की खेती, अब हो रही बंपर कमाई

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झाबुआ। मेहनत, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसान की जिंदगी बदल सकता है। इसका बेहतरीन उदाहरण झाबुआ विकासखंड के ग्राम फूल धावड़ी निवासी किसान रमेश वाखला हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर 60 हजार रुपए की सब्सिडी से अमरूद और टमाटर की आधुनिक खेती शुरू की और आज लाखों की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन गए हैं।

रमेश वाखला पहले पारंपरिक फसलों पर निर्भर थे। सोयाबीन की खेती में करीब 7 हजार रुपये लागत लगाने के बाद उन्हें केवल 15 हजार रुपये की आय होती थी और शुद्ध बचत महज 8 हजार रुपये रह जाती थी। वहीं मक्का की खेती से भी सीमित मुनाफा मिल पाता था। बढ़ती खेती लागत और कम आमदनी के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बन गया था।

इसी दौरान उद्यानिकी विभाग की निजी फलोद्यान योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई। वर्ष 2024-25 में उन्हें अमरूद और टमाटर की खेती के लिए 60 हजार रुपये की अनुदान राशि मिली। विभागीय मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक की मदद से उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से खेती शुरू की।

शुरुआत में नई खेती को लेकर मन में संकोच जरूर था, लेकिन मेहनत और नई तकनीकों को अपनाने का परिणाम जल्द ही दिखाई देने लगा। समय पर सिंचाई, उन्नत बीज और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर टमाटर की फसल से करीब 50 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इससे उन्हें लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये की आय हुई। 40 हजार रुपये लागत निकालने के बाद करीब 85 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा मिला।

वहीं अमरूद की खेती से भी उन्हें अच्छा फायदा हुआ। करीब 5 क्विंटल उत्पादन से 35 हजार रुपये की आय हुई और लागत निकालने के बाद लगभग 18 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

आज रमेश वाखला आर्थिक रूप से मजबूत हो चुके हैं। उनकी सफलता देखकर आसपास के किसान भी पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक फलोद्यान और उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

रमेश वाखला का कहना है कि पहले खेती केवल गुजारे का साधन थी, लेकिन अब यही खेती परिवार की खुशहाली और बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार बन गई है। शासन की योजना और उद्यानिकी विभाग के सहयोग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की नई राह दिखाई है।

यह सफलता कहानी साबित करती है कि अगर किसान आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक खेती को अपनाएं, तो खेती को घाटे का नहीं बल्कि फायदे का व्यवसाय बनाया जा सकता है।

हर्बल खेती और उद्यानिकी फसलों की बढ़ती डिमांड किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन रही है। पढ़ें 👉 आधुनिक खेती से लाखों कमाने वाले किसान की सफलता कहानी।

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