गायत्री परिवार का 199वां एवं 200वां कुरीति उन्मूलन और नशामुक्ति आयोजन संपन्न

पशुबलि एक जघन्य अपराध- गायत्री परिवार
एक निर्जीव पशु की हत्या से भला भगवान कैसे प्रसन्न होंगे
देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में देशभर में नशाबंदी को लेकर विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
इसी क्रम में गायत्री परिवार शाखा देवास द्वारा ग्राम सुल्पाखेड़ा एवं शंकर नगर देवास में नशा मुक्ति दीपयज्ञ एवं रैलियों का सफल आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में आमजन जुड़े और नशे से दूर रहने को संकल्पित हुए।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि गायत्री परिवार शाखा देवास का यह 199वां एवं 200वां नशाबंदी आयोजन हैं। 👉 गृह गृह गायत्री यज्ञ से नशाबंदी और कुरीति उन्मूलन का दिया बड़ा संदेश: गृह-गृह गायत्री यज्ञ से समाज सुधार का अभियान।
इन कार्यक्रमों का एक ही उद्देश्य है कि आमजन नशे की लत से दूरी बनाएं एवं गायत्री परिवार से जुड़कर अपने जीवन को सुंदर व सुखमय बनाएं।

ग्राम सुल्पाखेड़ा में चल रही माँ नर्मदा पुराण कथा के अंतर्गत नशा मुक्ति दीपयज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें गायत्री परिवार के जिला समन्वयक बाबूलाल खंडेलवाल, कांतिलाल पटेल, रमेशचंद्र मोदी एवं युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले उपस्थित रहे।
दीपयज्ञ के दौरान कुरीति उन्मूलन को लेकर युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर गंभीरता से प्रकाश डाला और आज के दौर में पशुबलि को अंधविश्वासी एवं एक जघन्य अपराध बताया। गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर सामूहिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति: गायत्री शक्तिपीठ में हुए विशाल सामूहिक अनुष्ठान की पूरी खबर पढ़ें।
श्री निहाले ने कहा कि एक निर्जीव पशु की बलि देकर भगवान को कैसे खुश कर सकते हैं ? अगर ऐसा करते हैं तो आप भगवान के सामने दुनिया के बड़े अपराधी की श्रेणी में आ रहे हो। आइए समाज की इस कुप्रथा को हम सब मिलकर मिटाए।
दीपयज्ञ में बाबूलाल खंडेलवाल, रमेशचन्द्र मोदी एवं कांतिलाल पटेल ने गायत्री परिवार की गतिविधियों से जुड़ने की बात रखी और नशा मुक्ति के संकल्प दिलाए। डॉ. रूपसिंह नागर ने सभी लोगों का आभार माना। 👉 घर-घर में देव संस्कृति स्थापित करना गायत्री परिवार का लक्ष्य- दिव्या तांबड़े जानिए क्यों घर-घर देव संस्कृति पहुंचाने में जुटा है गायत्री परिवार।
शंकर नगर देवास में भी गायत्री परिवार की टीम द्वारा गरीब बस्ती में पहुंचकर नशा मुक्ति रैली निकाली जिसमें नशे को दूर भगाना है खुशहाली को लाना है, गांजा भांग, शराब तंबाकू ये हैं सभी जीवन के डाकू, गुटखा खाओ गाल गलाओं अपनी अर्थी खुद सजाओ जैसे नशा मुक्ति के नारों और गीतों से गलियां गूंज उठी। आयोजन के दौरान मां दुर्गा के ओटले पर नशा मुक्ति फिल्म प्रोजेक्टर का प्रसारण भी किया गया।
आयोजन के बाद शंकर नगर में प्रज्ञा मंडल का गठन किया गया जिसमें मदनलाल गुजराती, भेरूसिंह सोलंकी, धर्मेन्द्र मालवीय, मोहन भेड़िया, अजय मालवीय, जयराम सोलंकी, बालाराम गुजराती को लिया गया जो कि सदैव गायत्री परिवार की गतिविधियों से जुड़े रहेंगे व नशा मुक्ति आयोजन में गायत्री परिवार के सदस्यों को हमेशा सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के देवीशंकर तिवारी, महेश आचार्य, कांतिलाल पटेल, लक्ष्मण पटेल, सुरेंद्र दुबे, सतीश दुबे, महेंद्र राठौर, सालिगराम सकलेचा का सराहनीय सहयोग रहा। 31 मई को विश्व धूम्रपान निरोधक दिवस पर गायत्री परिवार संस्थानों द्वारा देश भर में विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। 👉 भारत की संस्कृति देव संस्कृति है और इसके द्वारा ही विश्व जगत गुरु बनेगा- गायत्री परिवार भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने पर गायत्री परिवार का बड़ा संदेश।




