जरूरतमंद की जरूरतें पूरी करें, उससे मानव जीवन सार्थक हो जाएगा- पं राहुल दुबे

सिरोल्या (अमर चौधरी)। यदि आप सक्षम हैं तो जरूरतमंद की जरूरतें पूरी करें। उससे आपका जीवन तो सुखमय होगा ही मानव जीवन भी सार्थक हो जाएगा। नशा, अनाचार के बजाय मानव जीवन को अनमोल बनाते हुए इसे सत्कर्मों में लगाना चाहिए।
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ये विचार ग्राम सुल्पाखेड़ा में श्रीराम मंदिर में आयोजित मां नर्मदापुराण कथा में व्यासपीठ से कथावाचक पं. राहुल दुबे ने व्यक्त किए। उन्होंने मानव जीवन की महिमा को बताते हुए कहा, कि सच्ची भक्ति वह नहीं है जो केवल माला जपने या मंदिर जाने से होती है बल्कि भक्ति के साथ-साथ हमें हमारे अच्छे कर्म, व्यवहार और चरित्र में भी भक्ति को उतारना चाहिए। ईश्वर की भक्ति ही मनुष्य को संसारिक दु:खों से मुक्ति दिलाकर जीवन में सफल एवं योग्य बनाती है। मां नर्मदा के जल के कण-कण में मोक्ष का द्वार है। इसके स्नान से सारे पाप एवं कष्ट दूर हो जाते हैं। पीड़ित मानवता की सहायता करना ही मां नर्मदा की सच्ची आराधना है।
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जीवन में व्यक्ति स्वयं के सुख से सुखी कम एवं दूसरे के सुख से दु:खी ज्यादा है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में हमेशा आपदाएं एवं परेशानियों का समावेश रहता है। जीवन में अगर आगे बढ़ना है तो वह पूंजी निवेश करके नहीं बल्कि समाज में सबके प्रति करुणा का भाव रखकर व विचारों में नम्रता से ही संभव है। अंत में व्यासपीठ की महाआरती हुई एवं महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।




